मनोज मिड्ढा
सहारनपुर। विश्व हृदय दिवस के अवसर पर सहारनपुर के वरिष्ठ फिजिशियन एवं हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव मिगलानी ने लोगों को हृदय रोगों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली, खान-पान की आदतों, धूम्रपान, तनाव, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी समस्याओं के कारण हृदय रोगों का जोखिम बढ़ रहा है। विश्व हृदय दिवस हर वर्ष 29 सितंबरû को मनाया जाता है और वर्ष 2026 के अभियान का संदेश “Don’t Miss a Beat” यानी “एक भी धड़कन न चूके” है।
डॉ. मिगलानी ने लोगों से अपील की कि हृदय रोग के शुरुआती संकेतों को सामान्य परेशानी समझकर नजरअंदाज न करें। उन्होंने बताया कि सीने के बीच में दबाव या दर्द, दर्द का हाथ, पीठ, गर्दन या जबड़े की ओर जाना, सांस फूलना, पसीना आना, जी मिचलाना या कमजोरी जैसे लक्षण हार्ट अटैक के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन भी संभावित हार्ट अटैक के लक्षणों में सीने की तकलीफ, शरीर के ऊपरी हिस्से में दर्द, सांस फूलना, पसीना और मतली जैसे संकेतों का उल्लेख करता है।
डॉ. मिगलानी के अनुसार हार्ट अटैक के प्रमुख जोखिम कारकों में धूम्रपान, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, रक्त में वसा यानी कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना, अनियंत्रित डायबिटीज, अत्यधिक मानसिक तनाव, पारिवारिक इतिहास और अत्यधिक शराब का सेवन शामिल हैं। उन्होंने लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने की सलाह दी।
उन्होंने युवाओं में बढ़ते हृदय रोगों के जोखिम पर भी चिंता जताई। उनके अनुसार लंबे समय तक बैठे रहना, शारीरिक गतिविधि की कमी, लगातार लैपटॉप या मोबाइल पर काम करना, जंक फूड का अधिक सेवन, मानसिक तनाव और बढ़ती डायबिटीज जैसी स्थितियां स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं। पिज्जा, बर्गर, चाऊमीन, मोमोज और अन्य अत्यधिक वसा वाले फास्ट फूड का नियमित और अधिक सेवन करने से बचने की सलाह दी गई।
डॉ. मिगलानी ने खान-पान में हरी पत्तेदार सब्जियां, सलाद, ताजे फल, साबुत अनाज और दालों को शामिल करने पर जोर दिया। उन्होंने तली हुई चीजों, अत्यधिक वसा, वनस्पति घी और अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करने की सलाह दी। उन्होंने यह भी कहा कि खाना पकाने में इस्तेमाल किए गए तेल को बार-बार गर्म करके इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।
उन्होंने धूम्रपान और अत्यधिक शराब के सेवन से बचने, नियमित शारीरिक गतिविधि करने, वजन नियंत्रित रखने और तनाव कम करने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने लोगों को बिना चिकित्सकीय सलाह के अपनी दवाओं की खुराक कम या ज्यादा न करने की सलाह दी।
डॉ. मिगलानी ने कहा कि संभावित हार्ट अटैक की स्थिति में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि किसी व्यक्ति को अचानक सीने में दर्द या हार्ट अटैक के अन्य संकेत दिखाई दें तो उसे तत्काल आपातकालीन चिकित्सा सहायता के लिए संपर्क करना चाहिए। AHA की वर्तमान प्राथमिक उपचार गाइडलाइन के अनुसार तीव्र सीने के दर्द में आपातकालीन चिकित्सा सेवा सक्रिय करना प्राथमिक कदम है। कुछ सतर्क वयस्क मरीजों में, यदि एस्पिरिन से एलर्जी या चिकित्सकीय निषेध न हो, तो आपातकालीन सहायता के इंतजार के दौरान 162–325 मिलीग्राम एस्पिरिन चबाने की सलाह दी जा सकती है; लेकिन ऐसी स्थिति में चिकित्सा सहायता लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।
विश्व हृदय दिवस के अवसर पर डॉ. मिगलानी ने लोगों से अपील की कि वे अपनी जीवनशैली में छोटे लेकिन नियमित बदलाव करें और हृदय स्वास्थ्य को लेकर सजग रहें। उनका कहना है कि समय पर जोखिम कारकों की पहचान, चिकित्सकीय जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर हृदय रोगों के जोखिम को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं।








