शहरी चौपाल ब्यूरो
गंगोह। शिव चौक स्थित आर्य समाज में आयोजित तीन दिवसीय वेद प्रचार कार्यक्रम मंगलवार को उपदेश, भजन-कीर्तन और यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ संपन्न हो गया। कार्यक्रम के अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर वैदिक यज्ञ में आहुति दी और धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता की।
समापन अवसर पर मध्य प्रदेश से आए आचार्य डॉ. योगेंद्र याज्ञिक ने समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर करने के उपायों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वैदिक विचारों और संस्कारों को जीवन में अपनाकर व्यक्ति अपने आचरण में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। उन्होंने समाज सुधार और संस्कारयुक्त जीवन के महत्व को विस्तार से समझाया।
बिजनौर से पहुंचे भजनोपदेशक आचार्य कुलदीप विद्यार्थी ने धार्मिक एवं सामाजिक प्रसंगों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया। उन्होंने महर्षि दयानंद सरस्वती के सिद्धांतों और उनके विचारों से श्रद्धालुओं को परिचित कराया। वरिष्ठ भजनोपदेशक कल्याण सिंह वेदी ने महर्षि दयानंद सरस्वती के जीवन तथा समाज सुधार के क्षेत्र में उनके योगदान पर प्रकाश डाला।
भजनोपदेशिका वेदिका ने भावपूर्ण भजनों की प्रस्तुतियां देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों का सम्मान भी किया गया। अंतिम दिन वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ का आयोजन किया गया और पूर्णाहुति के साथ तीन दिवसीय कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ।
कार्यक्रम का संचालन आचार्य अमित शास्त्री ने किया। समापन पर आर्य समाज प्रधान देवेंद्र कुमार आर्य ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर जिला आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान महिपाल आर्य, शक्ति वेश, अजय आर्य, सुनील आर्य, योगेश आर्य सहित आर्य समाज के पदाधिकारी, सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।








