अमित कुमार उपाध्याय
चिलकाना। आर्य समाज चिलकाना के एकदिवसीय वार्षिक सम्मेलन का शुभारंभ रविवार को यज्ञ के साथ हुआ। सम्मेलन में वक्ताओं ने यज्ञ के महत्व के साथ बच्चों को संस्कारवान शिक्षा देने पर जोर दिया।
मुख्य वक्ता अमित शास्त्री ने यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यज्ञ भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण परंपरा है। इसके माध्यम से वातावरण की शुद्धि के साथ मनुष्य में सद्भाव, अनुशासन और सेवा की भावना का विकास होता है। उन्होंने बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार देने की आवश्यकता बताई।
भजनोपदेशक प्रताप सिंह ने समाज में फैली नशाखोरी सहित विभिन्न कुरीतियों पर भजन प्रस्तुत कर लोगों को जागरूक किया। यज्ञ पुरोहित अमित शास्त्री रहे। यजमान वीरेंद्र आर्य एवं अर्चना आर्य रहे। सम्मेलन की अध्यक्षता अवनीश आर्य ने की तथा संचालन डॉ. संदीप आनंद ने किया।
इस दौरान मास्टर जयपाल आर्य, डॉ. अशोक आर्य, कैलाश चंद रोहिला, शेखर रोहिला, अरविंद, विजय सैनी मझाड़ी, चौधरी आदेश आदि मौजूद रहे।








