भदोही। उत्तर प्रदेश के भदोही जिले को अब नई पहचान मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को भदोही में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जिले का नाम बदलकर ‘संत रविदास नगर भदोही’ किए जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब भदोही जिला संत रविदास नगर भदोही के नाम से जाना जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संत रविदास के सामाजिक समरसता और समानता के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि संत रविदास ने अपनी साधना के माध्यम से समाज को जोड़ने का काम किया। उन्होंने कहा कि करीब 600 वर्ष पहले संत रविदास ने ऐसे समाज की कल्पना की थी, जहां सभी को अन्न मिले और किसी के साथ भेदभाव न हो। इसी महान संत के नाम से भदोही की पहचान जुड़ने जा रही है।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान जिले के लिए 1,340 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 112 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। उपलब्ध विवरण के अनुसार इनमें 65 परियोजनाओं का लोकार्पण और 47 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इन परियोजनाओं से भदोही, औराई और ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्रों को विकास कार्यों की सौगात मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘इंडिया कारपेट एक्सपो’ के स्वर्ण जयंती संस्करण का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कालीन उद्योग से जुड़े निर्यातकों, विक्रेताओं और प्रमुख उद्यमियों से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भदोही के हाथ से बने कालीनों ने देश-दुनिया में अपनी पहचान बनाई है और सरकार कारीगरों के हुनर को नई तकनीक, डिजाइन और बाजार से जोड़ने के लिए प्रयास कर रही है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिन हाथों ने सदियों तक कालीन बुने हैं, उनमें नई तकनीक और नई डिजाइन का समावेश होना चाहिए। सरकार का प्रयास है कि कारीगरों को सम्मान मिले, उद्यम का विस्तार हो, युवाओं को रोजगार मिले और भदोही का कालीन उद्योग वैश्विक बाजार में नई ऊंचाइयां हासिल करे।
मुख्यमंत्री ने ‘इंडिया कारपेट एक्सपो’ की 50 वर्षों की यात्रा से जुड़े निर्यातकों, विक्रेताओं, उद्यमियों, कारीगरों और हस्तशिल्पियों को बधाई दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि भदोही का कालीन उद्योग आने वाले समय में और मजबूत होगा तथा जिले की नई पहचान विकास और विरासत के संगम के रूप में स्थापित होगी।








