शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सोमवार को महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के छात्र-छात्राओं ने साक्षरता जागरूकता अभियान चलाया। अभियान का उद्देश्य समाज में शिक्षा के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करना और निरक्षर लोगों को पढ़ने-लिखने के लिए प्रेरित करना रहा। इस दौरान राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने लोगों से शिक्षा को जीवन का महत्वपूर्ण आधार बनाने तथा अपने आसपास के निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने की अपील की।
अभियान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रवीण कुमार अग्रवाल तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी श्री सुमित शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। अभियान में राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़े छात्र-छात्राओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। स्वयंसेवकों ने लोगों को बताया कि शिक्षा केवल व्यक्तिगत विकास का माध्यम नहीं है, बल्कि इससे परिवार और समाज के विकास को भी नई दिशा मिलती है।
इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. प्रवीण कुमार अग्रवाल ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि पढ़ने-लिखने का वास्तविक लाभ तभी है, जब शिक्षित व्यक्ति समाज के उन लोगों तक भी शिक्षा का संदेश पहुंचाए, जो अभी निरक्षर हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिक्षित व्यक्ति यदि कम से कम एक निरक्षर व्यक्ति को पढ़ने-लिखने के लिए प्रेरित करे तो समाज में साक्षरता का स्तर तेजी से बढ़ाया जा सकता है।
उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य केवल शिविरों और कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। साक्षरता अभियान इसी सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा है। उन्होंने स्वयंसेवकों का आह्वान किया कि वे अपने आसपास के लोगों को शिक्षा के महत्व के बारे में लगातार जागरूक करते रहें।
राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी श्री सुमित शर्मा ने भी स्वयंसेवकों को अभियान के उद्देश्यों की जानकारी दी और अधिक से अधिक लोगों को साक्षरता के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति में आत्मविश्वास पैदा करती है और उसे अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों को समझने में सक्षम बनाती है।
अभियान के दौरान छात्र-छात्राओं ने शिक्षा के महत्व, निरक्षरता के दुष्प्रभाव और साक्षर बनने के लाभों को लेकर लोगों से संवाद किया। स्वयंसेवकों ने कहा कि निरक्षरता को दूर करना केवल सरकार या किसी संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक शिक्षित व्यक्ति को इसमें अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
कार्यक्रम में संबंधित छात्राएं एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक उपस्थित रहे। सभी ने साक्षरता के प्रसार में सहयोग करने और समाज के अधिक से अधिक लोगों को शिक्षा से जोड़ने का संकल्प लिया। महाविद्यालय प्रशासन ने भी राष्ट्रीय सेवा योजना के इस अभियान की सराहना करते हुए भविष्य में इस प्रकार के सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित करने की बात कही।








