अमित कुमार
छुटमलपुर (सहारनपुर ) बाल विकास परियोजना की उप निदेशक अनुपमा शांडिल्य ने संभव अभियान के तहत मुजफ्फराबाद क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करने के साथ ही उन्होंने बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं को कुपोषण से बचाने के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उप निदेशक ने ग्राम दामोदरबाद, ब्लाक मुजफ्फराबाद स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर आयोजित गोद भराई कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। वहाँ उन्होंने बच्चों का वजन व लंबाई नापकर पोषण योजना का सत्यापन किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा अभिभावकों से पुष्टाहार वितरण,गर्भवती व धात्री महिलाओं तथा बच्चों को दी जा रही सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि संभव अभियान का उद्देश्य कुपोषण की पहचान कर समय से उसका प्रबंधन करना है। इसके तहत बच्चों का नियमित वजन और लंबाई-माप, वृद्धि की निगरानी, पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी परामर्श तथा गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को आवश्यक उपचार व संदर्भन पर विशेष ध्यान दिया जाए।
अनुपमा शांडिल्य ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र पोषण अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। कार्यकर्ता प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के साथ अभिभावकों को संतुलित आहार, स्वच्छता और बच्चों की देखभाल के प्रति जागरूक करें। उन्होंने पुष्टाहार वितरण में पारदर्शिता और पात्र लाभार्थियों का नियमित फॉलोअप करने पर जोर दिया।
इसके बाद उन्होंने फतेहपुर बाल विकास परियोजना कार्यालय का निरीक्षण किया तथा चयनित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। ब्लाक पुंवारका के ग्राम मोहिउद्दीनपुर स्थित संभव आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर बिंदुवार समीक्षा की। अभिलेखों, पोषण सेवाओं और लाभार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली।
डीपीओ कार्यालय में सीडीपीओ व सभी सुपरवाइजरों के साथ बैठक में डिप्टी डायरेक्टर ने संभव अभियान समेत विभागीय योजनाओं को पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से लागू करने, कुपोषित बच्चों की नियमित निगरानी तथा गर्भवती व धात्री महिलाओं को समय पर पोषण सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस दौरान डीपीओ दुर्गेश प्रताप सिंह, सीडीपीओ संयोगिता यादव, एडवोकेट मंजू शर्मा, सीमा ,रूपा, गायत्री,मीना, ,ललिता शर्मा,पंकज कुमार, रेखा कौशिक सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।








