शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहारनपुर पुलिस और जिला प्रशासन को आयशा मस्जिद में दिन में पांच बार अजान दिए जाने में हस्तक्षेप नहीं करने का निर्देश दिया है। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि अजान के दौरान ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर वर्ष 2020 में दिए गए न्यायालय के फैसले का पालन करना होगा।
न्यायमूर्ति अजीत कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की पीठ ने यह आदेश एक अक्टूबर को सहारनपुर निवासी शाहनवाज खान और पांच अन्य लोगों की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। याचिकाकर्ताओं ने मस्जिद में दिन में पांच बार अजान और इसके लिए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की अनुमति मांगी थी।
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि न्यायालय के पूर्व के आदेशों में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर नियम निर्धारित किए गए हैं, इसके बावजूद अधिकारियों द्वारा अजान के लिए लाउडस्पीकर इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। वहीं राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि याचिकाकर्ताओं को अजान देने से नहीं रोका गया है, बल्कि आपत्ति लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के तरीके को लेकर है।
याचिकाकर्ताओं ने अदालत को भरोसा दिलाया कि वे ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों और पूर्व में दिए गए न्यायालय के निर्देशों का उल्लंघन नहीं करेंगे। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पुलिस और जिला प्रशासन को अजान में हस्तक्षेप न करने का निर्देश दिया, साथ ही लाउडस्पीकर के इस्तेमाल में निर्धारित नियमों के पालन को जरूरी बताया।








