शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। नगर निगम में पार्षदों के बीच लंबे समय से चल रही गुटबाजी मंगलवार को महापौर कार्यालय में मारपीट तक पहुंच गई। नगर निगम स्थित महापौर डॉ. अजय कुमार के कार्यालय में दो वरिष्ठ पार्षद किसी बात को लेकर आपस में भिड़ गए। कहासुनी के बाद दोनों के बीच गाली-गलौज और मारपीट शुरू हो गई। मारपीट में एक पार्षद के सिर में चोट आई। शोर सुनकर निगम के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और दोनों को अलग कराया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद के दौरान दोनों पार्षद गोघाल मेले को लेकर नगर निगम में दिए जा रहे टेंडरों को लेकर महापौर पर आरोप लगाते रहे। दोनों का आरोप था कि महापौर द्वारा गलत लोगों को ठेके दिए जा रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ने की बात सामने आई है। हालांकि टेंडर को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
घायल पार्षद का आरोप है कि दूसरे पार्षद ने उनके साथ गाली-गलौज की और इसके बाद मारपीट की। उन्होंने मामले में तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई कराने की बात कही है। वहीं दूसरे पार्षद ने भी आरोप लगाया कि पहले उनके साथ गाली-गलौज की गई और विवाद बढ़ने पर मारपीट हुई। उन्होंने इसे आपसी मामला बताते हुए विवाद को आगे नहीं बढ़ाने की बात कही।
विवाद के बाद दोनों पक्षों की ओर से तहरीर दिए जाने की बात कही गई, लेकिन पुलिस का कहना है कि थाने में अभी कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। सीओ प्रथम सारिका चौधरी ने बताया कि तहरीर मिलने पर मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम में गोघाल मेले से जुड़े विभिन्न टेंडरों को लेकर पहले से ही चर्चाएं चल रही हैं। मंगलवार को दो वरिष्ठ पार्षदों के बीच हुई मारपीट के बाद टेंडर प्रक्रिया को लेकर नगर निगम की अंदरूनी राजनीति एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
वहीं, घटना के बाद नगर निगम परिसर में मौजूद कुछ लोग आपस में चर्चा करते हुए चुटकी लेते नजर आए। कुछ लोगों का कहना था कि पार्षदों के बीच लंबे समय से चल रही खींचतान के बीच इस तरह का विवाद होना कोई नई बात नहीं है। इसी दौरान कुछ लोग व्यंग्यात्मक अंदाज में यह कहते भी सुनाई दिए कि, “यह तो होना ही था।”








