अमित कुमार
छुटमलपुर। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के छह माह बाद भी सहारनपुर जनपद की सीमा में सड़क निर्माण से जुड़ी खामियां वाहन चालकों की परेशानी बढ़ा रही हैं। करीब 80 किलोमीटर लंबे राजमार्ग के विभिन्न हिस्सों में सड़क की सतह उबड़-खाबड़ है, जबकि सर्विस लेन की बदहाल स्थिति हादसों का खतरा बढ़ा रही है। चमारीखेड़ा टोल प्लाजा से बिहारीगढ़ तक दोनों ओर की सर्विस लेन जगह-जगह क्षतिग्रस्त है। वहीं, बड़कला फ्लाईओवर से रसूलपुर के बीच दोनों ओर सर्विस रोड का निर्माण अब तक पूरा नहीं हो सका है।
रसूलपुर के निकट सड़क पर बने गहरे गड्ढे वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। रसूलपुर कट से बिहारीगढ़ तक सर्विस लेन की हालत इतनी खराब है कि दोपहिया वाहन चालकों को जोखिम उठाकर बेहद धीमी गति से सफर करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क की बदहाल स्थिति के चलते बाइक सवारों के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। छुटमलपुर से देहरादून जाने वाले हल्के वाहन और उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसें भी कई स्थानों पर सर्विस लेन से होकर गुजरती हैं। ऐसे में सड़क की खराब हालत यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रही है।
राजमार्ग के निर्माण में खामियों का मामला लोकार्पण के कुछ ही दिनों बाद सामने आने लगा था। बिहारीगढ़ फ्लाईओवर की दीवार में दरार आने के बाद इसके निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठे थे। इसके कुछ समय बाद अमानतगढ़ के निकट फ्लाईओवर पर दो स्थानों पर सड़क का हिस्सा धंस गया था। बड़कला फ्लाईओवर से रसूलपुर के बीच राजमार्ग के किनारों पर मिट्टी खिसकने की समस्या भी सामने आई थी। इसके अलावा चमारीखेड़ा से बड़कला फ्लाईओवर के बीच सर्विस रोड की खराब स्थिति भी वाहन चालकों के लिए परेशानी बनी हुई है।
राजमार्ग पर प्रकाश व्यवस्था भी अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं है। कई स्थानों पर लाइटें ठीक से काम नहीं करने के कारण रात में आवागमन करने वाले वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यात्रियों का कहना है कि सड़क और सर्विस लेन की मरम्मत पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जबकि चमारीखेड़ा और गणेशपुर टोल प्लाजा पर वाहनों से निर्धारित दरों के अनुसार टोल वसूला जा रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब टोल वसूली लगातार जारी है तो सड़क की खामियों को दूर कर सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल को करीब 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से बने 211 किलोमीटर लंबे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया था। इसके बावजूद सहारनपुर जनपद की सीमा में सर्विस लेन, सड़क की सतह, किनारों की मिट्टी और प्रकाश व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं सामने आ रही हैं। वाहन चालकों और स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराने, अधूरी सर्विस रोड का निर्माण पूरा करने और प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है, ताकि इस मार्ग पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके।








