Saharanpur News: गंगोह में ताड़का वध और धनुष यज्ञ की लीला, श्रीराम के जयकारों से गूंजा रामलीला परिसर

गंगोह में ककराली सरोवर परिसर में ताड़का वध और सराय पट्टी स्थित रामलीला भवन में धनुष यज्ञ की लीला का मंचन हुआ। शिव धनुष टूटते ही श्रीराम के जयकारे गूंज उठे। भारी भीड़ के बीच आयोजकों को व्यवस्था संभालने में मशक्कत करनी पड़ी।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

गंगोह। नगर में रामलीला महोत्सव के दौरान विभिन्न स्थानों पर धार्मिक लीलाओं का मंचन किया गया। रामलीला महोत्सव मंडल की ओर से ककराली सरोवर परिसर में ताड़का वध की लीला का मंचन हुआ, जबकि हिन्दू सभा सराय के तत्वावधान में सराय पट्टी स्थित रामलीला भवन में धनुष यज्ञ की लीला प्रस्तुत की गई। ताड़का के वध और भगवान श्रीराम द्वारा शिव धनुष तोड़े जाने के दृश्यों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इस दौरान पंडाल भगवान श्रीराम के जयकारों से गूंज उठे।

ताड़का वध की लीला देखने के लिए उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए आयोजकों ने इस बार भी मंचन के लिए ककराली सरोवर परिसर का चयन किया था। कार्यक्रम का शुभारंभ पूजन के साथ हुआ। शिव चौक स्थित रामलीला भवन से ताड़का अपने राक्षस दल के साथ राम का सामना करने के लिए निकली। ताड़का के लाव-लश्कर के साथ बड़ी संख्या में दर्शक भी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। भीड़ अधिक होने के कारण आयोजकों को व्यवस्था संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

मंच पर ताड़का और भगवान श्रीराम का आमना-सामना हुआ। ताड़का का किरदार निभा रहे अरविंद्र सिंह साढ़ड़ा ने भयावह रूप धारण किया, जिसे देखकर बच्चे भी डर गए। लीला के माध्यम से दिखाया गया कि सुकेतु यक्ष की पुत्री ताड़का के आतंक के कारण सुंदर वन का नाम ताड़का वन पड़ गया था। वहां रहने वाले विश्वामित्र सहित अन्य ऋषि-मुनियों के जप, तप और यज्ञ में राक्षस बाधाएं उत्पन्न करते थे। ऐसे में महर्षि विश्वामित्र राजा दशरथ से अनुरोध कर भगवान राम और लक्ष्मण को अपने साथ वन में ले गए। अंत में भगवान श्रीराम ने ताड़का का वध कर ऋषि-मुनियों को उसके आतंक से मुक्ति दिलाई।

लीला के दौरान विश्वामित्र की भूमिका विजय गोयल, श्रीराम की भूमिका नितिन गोयल और लक्ष्मण की भूमिका मयंक कश्यप ने निभाई। कलाकारों के अभिनय को दर्शकों ने सराहा। हालांकि, भारी भीड़ के चलते कई बार अव्यवस्था की स्थिति भी बनी और धक्का-मुक्की हुई। आयोजकों ने मशक्कत कर दर्शकों को संभाला।

वहीं, सराय पट्टी स्थित रामलीला भवन में शुक्रवार रात धनुष यज्ञ की लीला का मंचन किया गया। भगवान श्रीराम के शिव धनुष तोड़ते ही पूरा परिसर जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद लक्ष्मण और परशुराम के बीच हुए तीखे संवाद ने दर्शकों को बांधे रखा। लीला के दौरान कलाकारों ने प्रभावशाली अभिनय प्रस्तुत किया। यहां भी दर्शकों की संख्या लगातार बढ़ती नजर आई। मंचन शुरू होने से पहले अतिथियों का स्वागत किया गया।

आयोजकों के अनुसार, रविवार को शिव चौक स्थित रामलीला भवन से भगवान श्रीराम की बारात निकाली जाएगी। बारात नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए वापस रामलीला भवन पहुंचेगी, जहां इसका समापन होगा। वहीं, मोहल्ला सराय स्थित हिन्दू सभा सराय के रामलीला भवन में राम वनवास की लीला का मंचन किया जाएगा।

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