शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। श्री आशुतोष रामलीला समिति की ओर से आयोजित 15वें रामलीला एवं दशहरा महोत्सव में शुक्रवार, 9 अक्टूबर को सीता स्वयंवर की लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों ने प्रभु श्रीराम द्वारा माता अहिल्या के उद्धार, जनक दरबार में शिव धनुष भंग, माता सीता द्वारा श्रीराम को वरमाला पहनाने और इसके बाद परशुराम के क्रोधित होने के प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। लक्ष्मण और परशुराम के बीच हुए संवाद ने भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
मंचन के दौरान जनक दरबार का दृश्य विशेष आकर्षण रहा। प्रभु श्रीराम द्वारा शिव धनुष तोड़ने के बाद परशुराम के क्रोध और लक्ष्मण के साथ उनके संवाद को कलाकारों ने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। रामलीला के बीच आयोजित प्रश्न मंच कार्यक्रम में बच्चों ने भाग लिया। इस दौरान प्रतिभागी बच्चों को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया।
राम की भूमिका गौरव चानना, सीता के रूप में पूजा काला, लक्ष्मण के रूप में विनय दुग्गल, रावण के रूप में राजीव यादव, राजा जनक के रूप में मीत तिवारी, विश्वामित्र के रूप में विकास कुमार, परशुराम के रूप में विशाल छाबड़ा और अहिल्या के रूप में अनुष्का आनंद ने अभिनय किया। इनके साथ सन्नी भाटिया, शिवांश, सन्नी ठाकुर, शिवम, राज ठाकुर, रितिक, सहज सिंह और चरणप्रीत सिंह ने भी अपनी भूमिकाओं से मंचन को प्रभावशाली बनाया। कार्यक्रम का निर्देशन जय कालरा ने किया, जबकि मंच संचालन अमित वत्ता और रवि बक्शी ने किया।
इस अवसर पर समिति अध्यक्ष गौरव चौधरी, महामंत्री राकेश छाबड़ा, कोषाध्यक्ष गौरव पुरी, मोहित छाबड़ा, मुख्य संयोजक संजय भसीन, प्रबंधक विनय दुग्गल, प्रभु श्रीराम के रथ के सारथी संजीव टंडन, स्वागताध्यक्ष डॉ. एमपी सिंह चावला, श्रीरामलीला प्रबंधक अमित वत्ता, विजय कुमार, राकेश राणा, अमन भाटिया, प्रिंस कपिल, राघव सेठ, राजा छाबड़ा, राजन कक्कड़, विजय खुराना, संजय आनंद, आनंद भाटिया, चिराग कक्कड़, दिव्यांश अरोड़ा और दिलीप अरोड़ा सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे।








