शहरी चौपाल ब्यूरो
नानौता (सहारनपुर)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) छोड़कर हाल ही में समाजवादी पार्टी में शामिल हुए कैराना लोकसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी श्रीपाल राणा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। बुधवार को दिल्ली रोड स्थित अपने कैंप कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त सरकार की मर्जी के मुताबिक काम कर रहे हैं और इससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने विपक्षी दलों से एकजुट होकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाने की अपील भी की।
श्रीपाल राणा ने आरोप लगाया कि मौजूदा भाजपा सरकार को लाभ पहुंचाने के लिए जनता के हितों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष एकजुट होकर सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करे तो सरकार पर दबाव बनाया जा सकता है। उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बेहद महत्वपूर्ण है।
पत्रकारों से कथित अभद्रता पर जताई नाराजगी
दिल्ली पुलिस द्वारा पत्रकारों के साथ कथित अभद्र व्यवहार के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए श्रीपाल राणा ने इसकी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि पत्रकारों के साथ इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
सपा नेता ने भाजपा की केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि छात्र, किसान, महिलाएं और आम नागरिक अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठाते हैं तो उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें दबाने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि आंदोलनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के साथ व्यवहार को लेकर जवाबदेही तय होनी चाहिए। राणा ने आरोप लगाया कि सरकार के इशारे पर पुलिस छात्रों और आंदोलनकारी किसानों पर लाठियां बरसा रही है।
आजम खान के मामलों को लेकर भी बोले श्रीपाल राणा
प्रेस वार्ता के दौरान श्रीपाल राणा ने पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं पूर्व सांसद आजम खान से जुड़े मामलों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आजम खान लंबे समय तक रामपुर की राजनीति में प्रभावशाली भूमिका निभाते रहे हैं। राणा के मुताबिक, जनता ने उन्हें नौ बार विधानसभा और एक बार लोकसभा तक पहुंचाया तथा वह चार बार कैबिनेट मंत्री भी रहे।
आजम खान पर दर्ज मामलों का जिक्र करते हुए श्रीपाल राणा ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ लगातार मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं और इसके पीछे राजनीतिक मंशा हो सकती है। उन्होंने कहा कि इतने लंबे राजनीतिक अनुभव और जनसमर्थन वाले नेता के खिलाफ हो रही कार्रवाई को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, “इतने बड़े कद का नेता क्या मुर्गी चोरी करेगा, बकरी चोरी करेगा, भैंस चोरी करेगा? ये सब सरकार की सोची-समझी साजिश है।” श्रीपाल राणा ने आजम खान के खिलाफ मामलों को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।
प्रेस वार्ता के दौरान श्रीपाल राणा ने चुनाव आयोग की भूमिका, पत्रकारों के साथ कथित अभद्रता, किसानों और छात्रों से जुड़े मुद्दों तथा आजम खान के मामलों को लेकर भाजपा सरकार की आलोचना की। उनके बयान राजनीतिक आरोपों और विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों के संदर्भ में सामने आए हैं।








