शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। शारदीय नवरात्र के अवसर पर महानगर में आयोजित रामलीलाओं में धार्मिक आस्था और उत्साह का माहौल बना हुआ है। लेबर कॉलोनी, गोपाल नगर और नुमाइश कैंप में आयोजित रामलीलाओं में सीता हरण, सुग्रीव मित्रता, बाली वध, शबरी भक्ति और प्रभु श्रीराम-हनुमान मिलन जैसे प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन किया गया। कलाकारों के सजीव अभिनय, आकर्षक वेशभूषा और प्रभावशाली संवादों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रामलीला परिसरों में भगवान श्रीराम के जयकारे गूंजते रहे और दर्शकों ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
मानवीय कल्याण समिति, लेबर कॉलोनी की ओर से आयोजित रामलीला में सीता हरण की लीला का मंचन किया गया। रावण की कुटिल योजना, साधु के वेश में माता सीता के पास पहुंचने और उनका हरण करने के प्रसंग को कलाकारों ने जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। मंचन के दौरान दर्शक लीला के विभिन्न दृश्यों में भावविभोर नजर आए। कार्यक्रम में पूर्व महापौर संजीव वालिया, पार्षद मुकेश गख्खड़, मयंक गर्ग और व्यापारी नेता रवि वैश्य मौजूद रहे। अतिथियों ने भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया और समिति के प्रयासों की सराहना की। आयोजन को सफल बनाने में समिति अध्यक्ष प्रदीप कपिल, महामंत्री विश्वनाथ तिवारी, कोषाध्यक्ष संजय राय, संयोजक ठाकुर रामाशंकर सिंह सहित अन्य सदस्यों का योगदान रहा। मंच संचालन विजय गुप्ता और एडवोकेट सतीश चौधरी ने किया।
उधर, गोपाल नगर स्थित नुमाइश कैंप में सुपर क्लब के 33वें रामलीला एवं शुभ दशहरा महोत्सव में सुग्रीव मित्रता, बाली वध और भक्त हनुमान के प्रभु श्रीराम से मिलन की लीला प्रस्तुत की गई। शंकर सौदाई के निर्देशन में हुए मंचन में सुग्रीव को न्याय दिलाने, बाली वध और माता शबरी की निष्काम भक्ति के प्रसंगों ने दर्शकों को प्रभावित किया। सुग्रीव की भूमिका में मनोज गगनेजा, बाली के रूप में जंग बहादुर जंगी और हनुमान की भूमिका में अनुभव कत्याल ने प्रभावशाली अभिनय किया। प्रभु श्रीराम की भूमिका कुशाग्र नैब और लक्ष्मण की भूमिका अक्षय सूरी ने निभाई। वहीं, शबरी के रूप में अंजलि शर्मा और जटायु की भूमिका में अमन कालड़ा ने अपने अभिनय से दर्शकों की सराहना बटोरी। मंच संचालन क्लब महामंत्री अनिल रसवंत ने किया। आयोजन को सफल बनाने में क्लब अध्यक्ष राकेश सूरी सहित अन्य सदस्यों का योगदान रहा।
इसी क्रम में श्री आशुतोष रामलीला समिति के 15वें श्रीरामलीला एवं दशहरा महोत्सव में सीता हरण लीला का मंचन हुआ। इसमें सूर्पनखा प्रसंग, खर-दूषण वध, मारीच का स्वर्ण मृग बनना, लक्ष्मण रेखा और रावण द्वारा माता सीता के हरण के दृश्यों को प्रस्तुत किया गया। माता सीता की रक्षा के लिए जटायु और रावण के बीच हुए युद्ध का मंचन भी आकर्षण का केंद्र रहा। प्रभु श्रीराम की भूमिका गौरव चानना, लक्ष्मण की विनय दुग्गल और रावण की भूमिका राजीव यादव ने निभाई। लीला का निर्देशन जय कालरा ने किया। बच्चों में धार्मिक प्रसंगों के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए रामलीला से संबंधित प्रश्न मंच भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम में समिति अध्यक्ष गौरव चौधरी, महामंत्री राकेश छाबड़ा, कोषाध्यक्ष गौरव पुरी और मुख्य संयोजक संजय भसीन सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे। मंच संचालन रवि बख्शी और अमित वत्ता ने किया।
तीनों स्थानों पर आयोजित रामलीलाओं में श्रद्धालुओं की भागीदारी और कलाकारों के अभिनय ने धार्मिक आयोजनों को उत्साहपूर्ण बना दिया। रामायण के प्रसंगों के माध्यम से सत्य, त्याग, मर्यादा, भक्ति और धर्म की विजय का संदेश दिया गया। आयोजकों ने भी रामलीला को भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जुड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।








