शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। शारदीय नवरात्र में सिद्धपीठ मां शाकुंभरी के जयकारों से जहां शिवालिक की पहाड़ियां गूंज रही हैं, वहीं शहर के मंदिरों और घरों में भी मां भगवती की आराधना हो रही है। अंबाला रोड स्थित स्वामी रामतीर्थ केंद्र में आयोजित 152वें श्री यंत्र महाअनुष्ठान में विदेशी महिलाएं भी भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा से जुड़कर माता की भक्ति में लीन हैं। 11 अक्टूबर से शुरू हुआ यह अनुष्ठान नवमी तक चलेगा।
आचार्य सर्वेश्वर नाथ प्रभाकर और आचार्य गंगेश्वर नाथ प्रभाकर के नेतृत्व में 300 से अधिक दीपों के साथ विशेष दीप-तंत्र साधना और मां भगवती की उपासना की जा रही है। पारंपरिक पूजा-विधि, मंत्रोच्चार और श्री यंत्र की आराधना इस आयोजन को विशेष स्वरूप प्रदान करती है। केंद्र के संस्थापक स्वर्गीय केदारनाथ प्रभाकर की परंपरा को आगे बढ़ाने में डॉ. आभा प्रभाकर और आर्किटेक्ट शांभवी प्रभाकर भी भूमिका निभा रही हैं।
अनुष्ठान में मां महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की आराधना की जाती है। दीप प्रज्वलन के बाद अग्निशिखा के दस फीट से अधिक ऊंचाई तक उठने का दृश्य श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहता है।
इस वर्ष जर्मनी की तान्या तथा लातविया की गायत्री और इंद्रा फ्रेमाने भी अनुष्ठान में शामिल होकर अपनी श्रद्धा व्यक्त कर रही हैं। वे स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ भजन गाने के अलावा संस्कृत में मंत्रोच्चार करती हैं। अग्निशिखा की परिक्रमा और प्रसाद ग्रहण कर वे इस धार्मिक परंपरा में सहभागिता निभा रही हैं।
केंद्र के संचालक आचार्य गंगेश्वर के अनुसार, इस अनुष्ठान में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पीवी नरसिम्हा राव, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला, भजनलाल और बंसीलाल सहित कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय हस्तियां शामिल होती रही हैं।








