शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। श्री कृष्णा राम नाटक क्लब के तत्वावधान में विजयदशमी का महापर्व हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुक्ति संग्राम की शोभायात्रा निकाली गई, जो नगर के प्रमुख बाजारों से होती हुई राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) के मैदान स्थित दशहरा स्थल पर पहुंची। शोभायात्रा में बैंड-बाजों की मधुर धुनों और आकर्षक झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया। मार्ग में नगरवासियों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और मुस्लिम समाज के लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत किया।

दशहरा महोत्सव में भगवान श्रीराम की सवारी के दर्शन करने और रावण दहन देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। राजकीय इंटर कॉलेज का मैदान दर्शकों से खचाखच भरा रहा। मैदान में जगह कम पड़ने के कारण आसपास की सड़कों पर भी बड़ी संख्या में लोग खड़े होकर रावण दहन का कार्यक्रम देखते नजर आए। पूरे क्षेत्र में दशहरा महोत्सव को लेकर उत्साह का माहौल रहा।
शोभायात्रा में रावण की दहाड़ लोगों के आकर्षण का केंद्र रही, वहीं हनुमान जी के स्वरूप ने रामभक्तों को आशीर्वाद प्रदान किया। भव्य रथ पर विराजमान भगवान श्रीराम और सौमित्र लक्ष्मण के दर्शन कर श्रद्धालु आनंदित नजर आए। भगवान श्रीराम के रथ के सारथी प्रमुख समाजसेवी राजीव चावला रहे।

शोभायात्रा की अगुवाई क्लब के प्रधान महेंद्र तनेजा और महामंत्री विक्की दुआ ने की। इस दौरान साजन गंगा, नीरज कामरा, राजकुमार नरूला, संजय अरोड़ा आरपी, सरदार जसपाल सिंह बत्रा, पाली कालड़ा, अमित भसीन, राहुल चन्ना, अरुण खन्ना, मनोज तनेजा, ललित पोपली, कुलदीप धमीजा, महेंद्र सचदेवा, वीके ग्रोवर, दीपक मल्होत्रा, मुरली खन्ना, राजेंद्र लांबा, राजा नागपाल, सुंदर लाल तनेजा, विकास नरूला, अमित ग्रोवर, सरदार भगत सिंह, विशाल अरोड़ा, वासु, राजीव कामरा, मनोज विज, सनी पुंज और विपुल बत्रा सहित अनेक श्रद्धालु शामिल रहे। सभी ने भगवान श्रीराम की आरती में भाग लेकर सुख-समृद्धि की कामना की।

दशहरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान और नगर मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह की मौजूदगी में रामलीला का मंचन हुआ। भगवान श्रीराम और रावण के बीच संवाद के बाद युद्ध का दृश्य प्रस्तुत किया गया। अंत में भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया। इसके बाद रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों के दहन की तैयारी की गई।
60 फुट ऊंचा रावण आधे मिनट में जलकर राख
दशहरा मैदान में खड़ा 60 फुट ऊंचा रावण का पुतला आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। पुतले का दहन होते ही उसने आग पकड़ ली और महज आधे मिनट में जलकर राख हो गया। इसके साथ ही कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों को भी आग के हवाले किया गया। तीनों पुतलों को धू-धू कर जलते देख मैदान और आसपास की सड़कों पर मौजूद लोगों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए।

हजारों की संख्या में मौजूद लोगों ने पूरे उत्साह और भक्तिभाव के साथ दशहरा महोत्सव का आनंद लिया। श्री कृष्णा राम नाटक क्लब की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम ने लोगों को असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया। रावण दहन के साथ ही विजयदशमी का महापर्व हर्षोल्लास के बीच संपन्न हुआ।








