शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। पारंपरिक कारीगरों के हुनर को निखारने और उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत अंबाला रोड स्थित सरस्वती कन्या इंटर कॉलेज में 10 दिवसीय कौशल एवं उद्यम प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। नगर विधायक राजीव गुंबर ने रिबन काटकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस दौरान पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगरों को प्रशिक्षण के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर जोर दिया गया।
विधायक राजीव गुंबर ने कहा कि दर्जी, मोची, राजमिस्त्री सहित विभिन्न पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगर समाज और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनके पास हुनर और अनुभव की अमूल्य पूंजी है। जरूरत इस बात की है कि उन्हें उचित प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं, जिससे वे अपने कौशल को और विकसित कर सकें तथा आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार समाज के विभिन्न वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए योजनाएं संचालित कर रही है। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना भी पारंपरिक कारीगरों के कौशल विकास और स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से कारीगरों को प्रशिक्षण देकर उनके हुनर को निखारने और व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
राजीव गुंबर ने कहा कि कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम कारीगरों के लिए नए अवसर खोल सकते हैं। प्रशिक्षण से प्राप्त जानकारी और तकनीकी दक्षता के आधार पर वे अपने काम की गुणवत्ता में सुधार कर सकते हैं और स्वरोजगार के माध्यम से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं और पारंपरिक कारीगरों को रोजगार मांगने वाले के बजाय रोजगार देने वाला बनाने में कौशल प्रशिक्षण महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ऐसे प्रयास आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में सहायक हैं। कार्यक्रम में राजकीय इंटर कॉलेज के महाप्रबंधक अजय कुमार, प्रशिक्षण संचालिका अर्चना कश्यप, प्रधानाचार्य संदीप कुमार सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।








