शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित विवादित मस्जिद के ध्वस्तीकरण से जुड़े मामले में 22 अक्टूबर को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। मुख्य शिकायतकर्ता एवं बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी के अनुसार, सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार और सहारनपुर जिला प्रशासन की ओर से न्यायालय में काउंटर हलफनामा दाखिल किया गया। इसके बाद उच्च न्यायालय ने मस्जिद पक्ष को काउंटर हलफनामे का अध्ययन कर अपना री-काउंटर यानी प्रत्युत्तर दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है।
विकास त्यागी ने बताया कि कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित निर्माण को लेकर लंबे समय से कानूनी लड़ाई चल रही थी। उनके अनुसार, जिला न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में प्रशासन ने बीती 5 सितंबर को संबंधित ढांचे को ध्वस्त किया था। उन्होंने कहा कि कलेक्ट्रेट जैसे प्रशासनिक और संवेदनशील परिसर में कथित अवैध कब्जे के खिलाफ लगातार साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर आवाज उठाई गई।

शिकायतकर्ता विकास त्यागी ने दावा किया कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन की ओर से उच्च न्यायालय में काउंटर हलफनामा दाखिल किए जाने से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का पक्ष न्यायालय के सामने आ गया है। उन्होंने कार्रवाई को न्यायसंगत और अदालती आदेशों के अनुपालन में की गई कार्रवाई बताया।
उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी सुनवाई में भी कानून के आधार पर मामले की पैरवी की जाएगी। फिलहाल, मस्जिद पक्ष को प्रत्युत्तर दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिए जाने के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।








