शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। विश्व आयोडीन अल्पता विकार दिवस के अवसर पर गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शक्तिनगर, नुमाइश कैंप स्थित खालसा पब्लिक स्कूल में छात्र-छात्राओं को आयोडीन के महत्व और इसकी कमी से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी। कार्यक्रम का आयोजन राज्य स्वास्थ्य संस्थान, लखनऊ के अपर निदेशक तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शेर सिंह कक्कड़ और जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार के निर्देशों के अनुपालन में किया गया।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से बीसीजी टीम लीडर बृजेश कुमार और वरिष्ठ क्षय रोग लैब पर्यवेक्षक एमपी सिंह चावला ने विद्यार्थियों को बताया कि शरीर की उचित वृद्धि और मस्तिष्क के बेहतर विकास के लिए भोजन में पर्याप्त मात्रा में आयोडीन होना आवश्यक है। आयोडीन की कमी से बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। वयस्कों में इसकी कमी से थकान, कमजोरी और घेंघा रोग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं, गर्भावस्था के दौरान आयोडीन की कमी गर्भस्थ शिशु के विकास को प्रभावित कर सकती है और गर्भपात या मृत शिशु के जन्म का जोखिम बढ़ा सकती है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बताया कि आयोडीन की कमी से बचाव के लिए नियमित रूप से आयोडीन युक्त नमक का सेवन करना चाहिए। नमक खरीदते समय पैकेट पर आयोडीन युक्त होने की जानकारी अवश्य देखनी चाहिए। खुले और बिना पैकिंग वाले नमक के बजाय उचित पैकिंग में उपलब्ध आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम में खालसा पब्लिक स्कूल की उपप्रधानाचार्य परमजीत कौर और वरिष्ठ अध्यापिका सुमन चावला का विशेष योगदान रहा। स्कूल के प्रधानाचार्य सरदार गोविंदर सिंह ने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी देने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम का आभार व्यक्त किया।








