प्रमोद कुमार शर्मा
छुटमलपुर (सहारनपुर)। शाकुंभरी देवी मेले के मद्देनजर खनन वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध के बावजूद फतेहपुर थाना क्षेत्र में मिट्टी से भरे डंपरों के संचालन के आरोप सामने आए हैं। शनिवार सुबह छुटमलपुर के रुड़की रोड पर मिट्टी भराव के बाद लौट रहा एक डंपर ऊपर से गुजर रही बिजली की लाइन से टकरा गया। गनीमत रही कि उस समय बिजली आपूर्ति बंद थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, टक्कर के कारण टेलीफोन का तार टूटकर सड़क पर गिर गया। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, रुड़की रोड स्थित एक भूखंड में पिछले कई दिनों से डंपरों के माध्यम से मिट्टी डालकर भराव किया जा रहा है। बताया जाता है कि यहां पहले आम का बाग था। बाग कटवाए जाने के बाद जमीन को समतल करने का काम शुरू हुआ। शनिवार सुबह मिट्टी डालने के बाद डंपर चालक वाहन लेकर बाहर निकल रहा था, तभी डंपर का ऊपरी हिस्सा बिजली की लाइन से टकरा गया और टेलीफोन का तार टूटकर सड़क पर गिर पड़ा।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि शाकुंभरी देवी मेले के मद्देनजर जिलाधिकारी की ओर से खनन वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया गया है, इसके बावजूद क्षेत्र में मिट्टी से भरे डंपर लगातार पहुंच रहे हैं। लोगों ने सवाल उठाया कि पुलिस चेक पोस्टों के सामने से इन वाहनों की आवाजाही होने के बावजूद प्रभावी निगरानी क्यों नहीं हो रही है। उन्होंने भूखंड में मिट्टी भराव की अनुमति और प्रतिबंध के दौरान डंपरों के संचालन की जांच कराने की मांग की।

इसके अलावा मेला अवधि में फतेहपुर-कलसिया मार्ग पर रात के समय भी मिट्टी खनन से जुड़े डंपरों के संचालन की शिकायतें सामने आई हैं। इस संबंध में सीओ सदर पवन कुमार सिंह और तहसीलदार बेहट विजय कुमार ने मामले की जांच कराकर प्रभावी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभागों से मिट्टी भराव की अनुमति की जांच करने और बिजली लाइनों के नीचे सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।








