शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी और अस्वच्छ परिस्थितियों में मिठाइयों के निर्माण पर रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने देवबंद क्षेत्र के गांव राजूपुर में छापेमारी की। विभाग की टीम ने मिठाई निर्माण की विभिन्न इकाइयों का निरीक्षण करते हुए करीब 16 क्विंटल रसगुल्ले मौके पर ही नष्ट कराए। इसके अलावा पांच कट्टों में रखी 211 किलोग्राम सूजी को सीज कर दिया। टीम ने अलग-अलग खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।
शनिवार को उच्चाधिकारियों के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने गांव राजूपुर में मोहम्मद शकील की छेना रसगुल्ला निर्माण फैक्ट्री का निरीक्षण किया। टीम के अनुसार, यहां अस्वच्छ परिस्थितियों में छेना और रसगुल्लों का निर्माण किया जा रहा था। मौके पर उपलब्ध छेना एवं रसगुल्लों के नमूने जांच के लिए लिए गए। साथ ही विक्रेता की सहमति से खराब हो रहे और अस्वच्छ परिस्थितियों में रखे करीब छह क्विंटल रसगुल्ले नष्ट कराए गए।
इसके बाद मोहम्मद शकील की दूसरी फैक्ट्री का निरीक्षण किया गया, जहां मिल्क केक और गुलाब जामुन बनाए जा रहे थे। टीम ने मिलावट की आशंका के चलते दोनों मिठाइयों के नमूने संग्रहित किए। सरफराज की छेना रसगुल्ला एवं मिल्क केक निर्माण इकाइयों की जांच के दौरान छेना, रसगुल्ला, सूजी, दूध और मिल्क केक के नमूने लिए गए। यहां अस्वच्छ परिस्थितियों में रखे करीब 10 क्विंटल रसगुल्ले विक्रेता को चेतावनी देते हुए नष्ट कराए गए। साथ ही पांच कट्टों में रखी 211 किलोग्राम सूजी सीज कर दी गई।
टीम ने योगेंद्र की गुलाब जामुन फैक्ट्री पर भी छापेमारी की। यहां बिक्री के लिए तैयार गुलाब जामुन और छेना रसगुल्लों के नमूने जांच के लिए लिए गए। खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, सभी नमूनों को प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
छापेमारी करने वाली टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार, उमेश कुमार, महेश कुमार, अमित गौतम, कुलदीप तिवारी, जगदंबा प्रसाद और सुमन पाल शामिल तोरहे।








