शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। संतान की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना का प्रतीक अहोई अष्टमी का पर्व रविवार को सहारनपुर में श्रद्धा, आस्था और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने अपनी संतान के उज्ज्वल भविष्य और परिवार की खुशहाली के लिए दिनभर निर्जला उपवास रखा। सुबह से ही घरों में धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-पाठ का सिलसिला शुरू हो गया, जिससे वातावरण भक्तिमय बना रहा।
अहोई अष्टमी को लेकर महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर महिलाओं ने व्रत का संकल्प लिया और पूरे दिन बिना अन्न-जल ग्रहण किए उपवास रखा। घरों में पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार अहोई माता का पूजन किया गया। महिलाओं ने मां पार्वती और अहोई माता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर संतान की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य, तरक्की और जीवन में सुख-समृद्धि की कामना की।
शाम के समय महिलाओं ने पूजा स्थल पर अहोई माता का चित्र स्थापित कर रोली, चावल, पुष्प, दीपक और अन्य पूजन सामग्री से पूजा की। इसके बाद श्रद्धापूर्वक अहोई माता की कथा सुनी और परिवार की सुख-शांति एवं संतान के मंगलमय जीवन की प्रार्थना की। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन विधि-विधान से व्रत और पूजन करने से अहोई माता की कृपा बनी रहती है।
दिनभर निर्जला व्रत रखने के बाद महिलाओं को शाम के समय तारों के निकलने का इंतजार रहा। तारों के दर्शन कर उन्हें अर्घ्य अर्पित किया गया। इसके बाद महिलाओं ने विधि-विधान से व्रत का पारण किया। अहोई अष्टमी के चलते बाजारों में भी पूजन सामग्री की खरीदारी देखने को मिली। घरों में पारंपरिक पकवान बनाए गए और परिवार के सदस्यों ने मिलकर पर्व की खुशियां साझा कीं।
श्रद्धा, विश्वास और मातृत्व के स्नेह से जुड़ा अहोई अष्टमी का पर्व मां के निस्वार्थ प्रेम और संतान के प्रति उनके समर्पण का संदेश देता नजर आया।







