शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर, । जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय तथा संचारी रोग नियंत्रण एवं घर-घर दस्तक अभियान की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने स्वास्थ्य योजनाओं में लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में आयोजित बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव और संचारी रोग नियंत्रण की प्रगति की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने सभी चिकित्सकों को अपने तैनाती स्थल पर ही रात्रि निवास सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पतालों में साफ-सफाई और स्वच्छता की बेहतर व्यवस्था बनाए रखने को कहा। शहरी क्षेत्र में प्रतिरक्षण की प्रगति कम मिलने पर टीकाकरण अभियान में तेजी लाते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए।
शंकरपुरी में लगातार खराब टीकाकरण प्रगति पर जिलाधिकारी ने संबंधित एमओआईसी को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। सढ़ौली कदीम में टीकाकरण सत्रों की संख्या कम पाए जाने पर संबंधित एमओआईसी और पांच एएनएम को नोटिस जारी करने को कहा। बैठक में बिना पूर्व सूचना अनुपस्थित रहने वाले एमओआईसी का एक दिन का वेतन रोकने तथा कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए। खराब पर्यवेक्षण को लेकर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी को भी नोटिस जारी करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सभी एमओआईसी बैठकों में पूर्ण और अद्यतन जानकारी के साथ उपस्थित हों। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
मातृ मृत्यु दर की समीक्षा करते हुए डीएम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को संबंधित कारणों का विस्तृत डेटा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद में शत-प्रतिशत प्रसव संस्थागत रूप से कराने पर जोर दिया। आशाओं का भुगतान समय से करने तथा आरबीएसके के डेटा का क्रॉस वेरिफिकेशन कराने के निर्देश भी दिए गए।
संचारी रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा के दौरान नानौता, रामपुर और पुंवारका में झाड़ियों की पर्याप्त कटाई नहीं होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को संबंधित क्षेत्रों में आवश्यक कार्रवाई कराने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि जनपद में कहीं भी कूड़े के ढेर और गंदगी नहीं दिखनी चाहिए। जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर पानी की निकासी और झाड़ियों की सफाई सुनिश्चित की जाए, जिससे मच्छरों के पनपने पर रोक लगाई जा सके।
घर-घर दस्तक अभियान की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में एंटीलार्वा छिड़काव और फॉगिंग का कार्य तेजी से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ संचारी रोगों की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. सुनील कुमार वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शेर सिंह कक्कड़, परियोजना निदेशक प्रणय कृष्ण, जिला मलेरिया अधिकारी शिवांका गौड़ सहित जनपद के सीएचसी और पीएचसी के चिकित्सक मौजूद रहे।








