मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय में ‘विकसित भारत 2047’ पर भाषण प्रतियोगिता

विद्यार्थियों ने शिक्षा, नवाचार, आत्मनिर्भरता और युवा शक्ति को लेकर रखे विचार

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित किए जा रहे ‘सेवा पखवाड़ा’ के अंतर्गत 29 सितंबर को मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय में ‘विकसित भारत 2047’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर विमला वाई ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें विकसित भारत के निर्माण में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि युवा शक्ति देश के भविष्य की महत्वपूर्ण आधारशिला है और राष्ट्र के विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका, राष्ट्र के विकास में उनके योगदान तथा भारत को सशक्त, समृद्ध और विकसित राष्ट्र बनाने के विभिन्न आयामों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने अपने भाषणों के माध्यम से शिक्षा, नवाचार, आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों को प्रमुखता से उठाया।

विद्यार्थियों ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए देश के युवाओं को शिक्षा, कौशल, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभानी होगी। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने अपने विचारों और वक्तृत्व कौशल के माध्यम से भारत के भविष्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं को सामने रखा।

कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के अकादमी समन्वयक प्रोफेसर विनोद कुमार सहित डॉ. अंकिता चौधरी, डॉ. डिम्पल, डॉ. बालिस्टर, डॉ. सौरभ कसाना, डॉ. भरत, डॉ. शशि, डॉ. संजय सहित शिक्षकगण एवं संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विद्यार्थियों का उत्साह देखने को मिला। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर अपने विचार व्यक्त करने का अवसर भी मिला।

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