शहरी चौपाल ब्यूरो
गंगोह-। कथा व्यास आचार्य रजनीश महाराज ने कहा कि पितृ पक्ष में श्रीमद् भागवत कथा श्रवण से तमाम पितृ दोष दूर होने के साथ ही पितरों को मुक्ति मिलती है और जीवन में देवकृपा से खुशहाली व सुखशांति मिलती है।
प्रभा गार्डन में बाबा बंशी वालों के सेवाभारती परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह के तीसरे दिन कथा वाचक आचार्य रजनीश महाराज ने स्वयभू भगवान बनने वालों से बचने की सलाह दी, और स्वयं को भगवान कृष्ण कहलाने वाले महाराजा पुण्डरीक की प्रसंग सुनाते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति कभी भी भगवान नही बन सकता। उन्होंने अंधविश्वासों से बचने की अपील की। आचार्य रजनीश ने कहा कि यदि कोई सच्चा संत मिल जायें अथवा श्रीमद् भागवत का जीवन में प्रवेश हो जायें, तो मानव का जन्मजन्मांतर सुधर जाता है। कथा सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गये। कथा के दौरान धार्मिक गीतों पर श्रद्धालु जम कर झूमें। कथा आरंभ होने से पूर्व कथा व्यास का स्वागत कर तथा माला पहनाकर व्यास गद्दी पर बैठाया। कथा में तीसरे दिन बड़ी संख्या में महिला-पुरूष कथा सुनने पहुंचे।








