शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। ऑनलाइन लेनदेन पर 15 अक्टूबर 2026 से चुनिंदा यूपीआई व्यापारी लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू किए जाने की प्रस्तावित व्यवस्था को लेकर व्यापारियों में विरोध के स्वर उठने लगे हैं। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की जिला इकाई सहारनपुर ने केंद्र सरकार से इस निर्णय को वापस लेने की मांग की है। व्यापार मंडल का कहना है कि यूपीआई आज व्यापारियों और ग्राहकों के बीच भुगतान का प्रमुख माध्यम बन चुका है और इस पर अतिरिक्त शुल्क से व्यापारियों पर आर्थिक प्रभाव पड़ सकता है।
जिला अध्यक्ष शीतल टंडन और जिला महामंत्री रमेश अरोड़ा ने संयुक्त बयान में कहा कि व्यापारी वर्ग लंबे समय से यूपीआई पर एमडीआर लगाए जाने की संभावित व्यवस्था का विरोध कर रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले माह केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी ज्ञापन भेजकर प्रस्तावित एमडीआर को वापस लेने की मांग की गई थी। व्यापार मंडल ने अब पुनः केंद्र सरकार से इस पर पुनर्विचार करने की अपील की है।
शीतल टंडन ने कहा कि व्यापारी देश की अर्थव्यवस्था और राजस्व व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। व्यापारियों की ओर से जीएसटी, आयकर समेत विभिन्न माध्यमों से सरकार को राजस्व दिया जाता है। ऐसे में किसी भी अतिरिक्त भुगतान लागत का व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से यह तर्क दिया जा रहा है कि लगभग 96 प्रतिशत व्यापारी यूपीआई लेन-देन प्रस्तावित व्यवस्था से प्रभावित नहीं होंगे, लेकिन व्यापार मंडल की मांग है कि यूपीआई जैसी लोकप्रिय डिजिटल भुगतान व्यवस्था को अतिरिक्त शुल्क से मुक्त रखा जाए।
रमेश अरोड़ा ने कहा कि यूपीआई ग्राहकों और व्यापारियों के बीच भुगतान का सहज माध्यम बन चुका है। व्यापार मंडल को आशंका है कि यदि कुछ लेन-देन पर अतिरिक्त लागत आती है तो इसका असर व्यापारी-ग्राहक संबंधों पर पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से समय रहते व्यापारियों की चिंताओं का समाधान करने और प्रस्तावित व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की।
उन्होंने बताया कि दो अक्टूबर को सहारनपुर सहित विभिन्न स्थानों पर व्यापारियों ने महात्मा गांधी की प्रतिमाओं के समक्ष नमन कर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से यूपीआई एमडीआर के विरोध में अपनी आवाज उठाई थी। व्यापार मंडल का कहना है कि इस मुद्दे को लेकर व्यापारी वर्ग की चिंता लगातार बनी हुई है।
व्यापारी प्रतिनिधि संजय माहेश्वरी ने कहा कि व्यापारियों को डिजिटल भुगतान की अतिरिक्त लागत के व्यावहारिक प्रभाव को लेकर चिंता है। उन्होंने सरकार से व्यापारियों की मांग पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की जिला इकाई ने कहा कि वह यूपीआई एमडीआर के मुद्दे को लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से सरकार के समक्ष उठाता रहेगा और 15 अक्टूबर से प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत एमडीआर को वापस लेने की मांग करता रहेगा।
इस दौरान जिला अध्यक्ष शीतल टंडन, जिला महामंत्री रमेश अरोड़ा, प्रांतीय मंत्री रमेश टावर, वरिष्ठ व्यापारी अशोक मलिक, मेजर एसके सूरी, अभिषेक भाटिया, संजय माहेश्वरी समेत अन्य व्यापारी प्रतिनिधि मौजूद रहे।








