रिपोर्ट, श्रवण शर्मा
सहारनपुर। जिला ईंट निर्माता समिति सहारनपुर की बैठक जीपीओ रोड स्थित एक होटल में आयोजित की गई। बैठक में ईंट भट्ठा उद्योग के सामने आ रही समस्याओं और पर्यावरण स्वच्छता प्रमाण पत्र को लेकर चर्चा हुई। ईंट भट्ठा संचालकों ने पर्यावरण स्वच्छता प्रमाण पत्र को भट्ठों पर लागू किए जाने का विरोध करते हुए इसे उद्योग के लिए परेशानी बढ़ाने वाला नियम बताया।
मुजफ्फरनगर जिला ईंट निर्माता समिति के अध्यक्ष प्रमोद बालियान ने सहारनपुर समिति से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि इस मुद्दे को लखनऊ से लेकर दिल्ली तक उठाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी से मुलाकात कर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष भी ईंट भट्ठा संचालकों की समस्या रखी जाएगी। उन्होंने पर्यावरण स्वच्छता प्रमाण पत्र को ईंट भट्ठों के लिए अनुचित नियम बताते हुए कहा कि इससे सरकार को कोई विशेष लाभ नहीं है, जबकि कुछ एनजीओ इसकी आड़ में धन वसूली कर रहे हैं।
बैठक में जीएसटी कमिश्नर अमित पाठक ने ईंट भट्ठा संचालकों से नियमानुसार टैक्स जमा करने की अपील की। उन्होंने आश्वासन दिया कि जीएसटी विभाग की ओर से किसी भी संचालक का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। खनन विभाग के एमओ ने भी भट्ठा संचालकों से अक्टूबर माह तक रॉयल्टी जमा करने को कहा और नियमानुसार सहयोग का आश्वासन दिया।
जिला अध्यक्ष सनी चौधरी ने कहा कि कोयले के बढ़ते दाम और नए नियमों को देखते हुए सभी संचालक एक नवंबर से लेबर लाइन तथा एक जनवरी से फुकाई का कार्य शुरू करें। बैठक में महामंत्री अरुण राना, संरक्षक पंडित बृजभूषण शर्मा, कोषाध्यक्ष वरुण सैनी, अकरम प्रधान, हाजी जमील, महिपाल सिंह राणा, सुरेंद्र अरोड़ा, मुनेश प्रधान, राजू राव व याकूब कुरैशी सहित अन्य मौजूद रहे। संचालन श्रवण कुमार शर्मा ने किया।








