शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर, । शिवालिक की पावन पहाड़ियों में स्थित सिद्धपीठ मां शाकुंभरी देवी के दरबार में शारदीय नवरात्र के दौरान देश-विदेश से पहुंच रहे श्रद्धालुओं की आस्था देखने को मिल रही है। मां के दर्शन के लिए पहुंचे विदेशी पर्यटकों ने भी मंदिर में माथा टेककर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। विदेशी पर्यटकों की मौजूदगी ने भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं, प्राचीन धार्मिक स्थलों और सनातन संस्कृति के प्रति वैश्विक आकर्षण की झलक प्रस्तुत की।
मां शाकुंभरी देवी का पावन धाम लंबे समय से श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। नवरात्र के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में भक्त मां के दर्शन करने पहुंचते हैं और सुख-समृद्धि, शांति तथा परिवार के कल्याण की कामना करते हैं। इस दौरान विदेशी पर्यटकों का मंदिर पहुंचना भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। उन्होंने मंदिर के आध्यात्मिक वातावरण और धार्मिक परंपराओं को करीब से देखा तथा मां के दर्शन कर अपनी श्रद्धा प्रकट की।

विदेशी पर्यटकों की मंदिर में उपस्थिति इस बात की ओर संकेत करती है कि भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपराओं और आध्यात्मिक स्थलों के प्रति दुनिया के विभिन्न हिस्सों से आने वाले लोगों की रुचि बनी हुई है। भारतीय संस्कृति की विविधता और धार्मिक स्थलों से जुड़ी परंपराएं देश की विशिष्ट पहचान का हिस्सा हैं। मां शाकुंभरी देवी के दरबार में देश-विदेश से पहुंचने वाले श्रद्धालु आस्था के इसी व्यापक स्वरूप को प्रदर्शित करते हैं।
भाषा और सीमाओं से परे आस्था का संगम
मां शाकुंभरी देवी के दरबार में श्रद्धालुओं की मौजूदगी यह संदेश देती है कि आस्था और आध्यात्मिकता लोगों को भाषा, देश और भौगोलिक सीमाओं से परे जोड़ सकती हैं। सहारनपुर की पावन धरा पर विदेशी पर्यटकों का मां के दर्शन करना सनातन संस्कृति और भारतीय आध्यात्मिक विरासत के प्रति आकर्षण का एक सुंदर उदाहरण बना।
उधर, जिलाधिकारी के निर्देशन में मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दिया गया है। मेला परिसर में की गई व्यवस्थाओं को लेकर श्रद्धालुओं ने सराहना की। नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के मद्देनजर व्यवस्थाओं का सुचारु संचालन महत्वपूर्ण माना जा रहा है, ताकि श्रद्धालु सुविधाजनक तरीके से मां के दर्शन कर सकें।

मां शाकुंभरी देवी के दरबार में उमड़ रही आस्था और विदेशी पर्यटकों की मौजूदगी ने नवरात्र के धार्मिक माहौल को विशेष बना दिया है। मंदिर में दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु भारतीय धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ते नजर आ रहे हैं।








