प्रमोद शर्मा
छुटमलपुर। मां शाकुंभरी देवी मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर जिलाधिकारी द्वारा खनन वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद फतेहपुर-कलसिया मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्रॉली और डंपरों की आवाजाही जारी होने की बात सामने आ रही है। छुटमलपुर क्षेत्र में कई स्थानों पर बड़े भूखंडों में मिट्टी भराव का काम भी चलने की सूचना है। ऐसे में प्रशासनिक आदेशों के अनुपालन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
जिलाधिकारी ने नवरात्र मेले के दौरान 10 से 26 अक्टूबर तक शाकुंभरी देवी जाने वाले मार्गों पर खनन वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लगाया है। इसके बावजूद रुड़की रोड स्थित एक बाग, चमारीखेड़ा-छुटमलपुर कट के पास एक भूखंड और आसपास के क्षेत्रों में मिट्टी भराव के लिए वाहनों की आवाजाही जारी होने का आरोप है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, मिट्टी से भरे वाहन बड़कला पुलिस चेकपोस्ट, ज्योति किरण चेकपोस्ट और फतेहपुर-कलसिया तिराहे से होकर गुजर रहे हैं। रात के समय भी इन वाहनों की आवाजाही होने की बात कही जा रही है। थाना फतेहपुर के सामने से भी वाहनों के गुजरने की चर्चा के बीच प्रतिबंध के प्रभावी पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

शाकुंभरी देवी मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराने और मिट्टी भराव के लिए हो रहे वाहनों के संचालन की जांच कराने की मांग की है। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।








