शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। श्री आशुतोष रामलीला समिति की ओर से आयोजित 15वें श्रीरामलीला एवं दशहरा महोत्सव में रविवार, 17 अक्टूबर 2026 को कुंभकर्ण वध और मेघनाथ वध की लीलाओं का मंचन किया गया। कलाकारों ने प्रभावशाली अभिनय और संवादों के माध्यम से रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंगों को जीवंत कर दिया। मंचन देखने के लिए रामलीला प्रेमियों में उत्साह रहा।
कुंभकर्ण और मेघनाथ वध के प्रसंगों ने मोहा मन
रामलीला में दिखाया गया कि रावण कुंभकर्ण को नींद से जगाकर युद्ध के लिए भेजता है। कुंभकर्ण युद्धभूमि में श्रीराम की सेना से मुकाबला करता है, लेकिन अंततः भगवान श्रीराम के हाथों उसका वध हो जाता है। इसके बाद मेघनाथ रावण से युद्ध में जाने की आज्ञा लेता है। लक्ष्मण और मेघनाथ के बीच भीषण युद्ध होता है, जिसमें लक्ष्मण मेघनाथ का संहार कर देते हैं। कलाकारों ने इन प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।
कलाकारों ने निभाईं महत्वपूर्ण भूमिकाएं
मेघनाथ की भूमिका गौरव चौधरी, प्रभु श्रीराम की भूमिका गौरव चानना, लक्ष्मण की भूमिका विनय दुग्गल, हनुमान जी की भूमिका तरुण अरोड़ा, रावण की भूमिका राजीव यादव, कुंभकर्ण की भूमिका राजन कक्कड़, सुग्रीव की भूमिका सन्नी भाटिया, विभीषण की भूमिका शिवम कक्कड़ और अंगद की भूमिका ईश सलूजा ने निभाई। सभी कलाकारों ने अपने अभिनय से मंचन को प्रभावशाली बनाया। लीला का निर्देशन जय कालरा ने किया।
बच्चों के लिए प्रश्न मंच का आयोजन
कार्यक्रम के दौरान बच्चों के लिए रामलीला से संबंधित प्रश्न मंच का भी आयोजन किया गया। इसके माध्यम से बच्चों को रामायण के प्रसंगों और धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिला।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष गौरव चौधरी, महामंत्री राकेश छाबड़ा, कोषाध्यक्ष गौरव पुरी, मुख्य संयोजक संजय भसीन, प्रबंधक विनय दुग्गल, दशहरा प्रधान नरेश कुमार, प्रभु श्रीराम के सारथी संजीव टंडन, स्वागताध्यक्ष डॉ. एमपी सिंह चावला, राकेश राणा, योगेश टंडन, अमन भाटिया, राघव सेठ, राजा छाबड़ा, दीक्षित छाबड़ा, मनीष कालरा, संजय आनंद, आनंद भाटिया, राजेंद्र महेंद्रा, शिवम महेंद्रा, गौरव चौहान कुमार, विकास कुमार, सन्नी शर्मा, लकी भंडारी, सिद्धार्थ पुरी, शिवम ग्रोवर सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन रवि बख्शी और अमित वत्ता ने किया।








