शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। शिवालिक पर्वत श्रृंखलाओं की तलहटी में स्थित सिद्धपीठ मां शाकंभरी देवी मंदिर में आयोजित शारदीय नवरात्रि महामेला 26 अक्टूबर को पूर्णिमा तक जारी रहेगा। जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने कहा कि मां की कृपा और प्रशासनिक समन्वय से मेला सकुशल संचालित हो रहा है। चतुर्दशी और पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम दर्शन उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।

11 अक्टूबर से शुरू हुए महामेले में सहारनपुर सहित आसपास के जिलों और हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, दिल्ली तथा राजस्थान समेत विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भारी भीड़ को देखते हुए पेयजल, साफ-सफाई, प्रकाश, यातायात और सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
जिलाधिकारी के निर्देशन में विभिन्न विभागों के समन्वय से व्यवस्थाएं संचालित की जा रही हैं। डीएम स्वयं मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते रहे हैं। एडीजी, मंडलायुक्त, डीआईजी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी तथा एसपी सिटी और एसपी ग्रामीण ने भी मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ पेयजल, शौचालय, विद्युत और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए चिकित्सकों, फार्मासिस्टों और स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की गई है। आपात स्थिति में सहायता के लिए 108 एंबुलेंस और बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई हैं। जरूरत पड़ने पर उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और एसबीडी जिला चिकित्सालय में बेड आरक्षित रखे गए हैं।

वरिष्ठ नागरिकों, गर्भवती महिलाओं और चलने में असमर्थ श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भूरा देव मंदिर से मां शाकंभरी देवी मंदिर तक ई-रिक्शा संचालित किए जा रहे हैं। दंडवत यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए मार्ग पर मैटिंग और बैठने की सुविधा के लिए टेंट लगाए गए हैं। पार्किंग स्थलों पर निर्धारित दरों की जानकारी देने के लिए रेट लिस्ट और साइन बोर्ड भी लगाए गए हैं।
मेले में भजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि मेले की अंतिम अवधि तक सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए, ताकि श्रद्धालु सुखद अनुभव के साथ अपने गंतव्य को लौट सकें।








