शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। चिलकाना रोड स्थित मंडी समिति में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर व्यापारियों और मंडी प्रशासन के बीच असहमति सामने आई है। मंडी समिति ने दुकानों के सामने लगाए गए अस्थायी लोहे के जालों को अतिक्रमण मानते हुए 50 से अधिक व्यापारियों को नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में व्यापारियों को अपने स्तर से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, नोटिस मिलने के बाद व्यापारियों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए प्रशासन से अपनी समस्याओं पर भी ध्यान देने की मांग की है।
चिलकाना रोड स्थित मंडी सहारनपुर के विभिन्न क्षेत्रों में सब्जियों की आपूर्ति का प्रमुख केंद्र है। यहां मंडी समिति की ओर से बड़ी संख्या में व्यापारियों को दुकानें और प्रतिष्ठान आवंटित किए गए हैं। व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों के सामने लोहे के अस्थायी जाल लगा रखे हैं। मंडी प्रशासन ने इन्हें नियमों के विपरीत मानते हुए हटाने की प्रक्रिया शुरू की है। इसी क्रम में 50 से अधिक व्यापारियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
व्यापारियों का कहना है कि करीब एक दशक पहले मंडी में दुकानों से सामान चोरी होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही थीं। कई बार अधिकारियों को शिकायत करने के बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हो सके। इसके बाद व्यापारियों ने अपने सामान की सुरक्षा के लिए दुकानों के सामने लोहे के अस्थायी जाल लगवाए थे। अब लंबे समय से इस्तेमाल हो रहे इन जालों को हटाने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
व्यापारियों के मुताबिक आढ़त का अधिकांश कारोबार नकदी पर आधारित होता है। दुकानों में रखा सामान और नकदी सुरक्षित रखना उनके लिए बड़ी चुनौती है। ऐसे में जाल हटने के बाद चोरी की आशंका बढ़ सकती है। व्यापारियों का कहना है कि वे मंडी परिसर से अतिक्रमण हटाने के विरोध में नहीं हैं, लेकिन प्रशासन को कार्रवाई के साथ सुरक्षा संबंधी समस्याओं का भी स्थायी समाधान करना चाहिए। व्यापारियों ने नोटिस का जवाब देकर अपनी आपत्तियां और समस्याएं अधिकारियों के सामने रखने की बात कही है।
गुड एवं खांडसारी एसोसिएशन के प्रधान अशोक सिंघल का कहना है कि मंडी प्रशासन को व्यापारियों की व्यावहारिक परेशानियों को समझना चाहिए। सुरक्षा के लिहाज से अधिक मजबूत इंतजाम किए जाने की जरूरत है। व्यापारी अमित बंसल ने कहा कि मंडी प्रशासन की ओर से नोटिस मिले हैं, जिनका व्यापारी नियमानुसार जवाब देंगे। व्यापारी प्रदीप गोयल का कहना है कि मंडी में स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं को सुधारने की भी आवश्यकता है। केवल अतिक्रमण हटाने के नोटिस जारी करने से मंडी की सभी समस्याओं का समाधान नहीं होगा।
इस संबंध में मंडी सचिव देवेंद्र प्रताप ने बताया कि मंडी परिसर में अस्थायी अतिक्रमण हटाने के लिए कुछ व्यापारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मंडी में सुरक्षा और सफाई के प्रबंध कराए गए हैं। व्यापारियों की जो भी समस्याएं हैं, उनका निस्तारण कराया जाएगा।







