शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। सहारनपुर में वाहनों में लगाए जा रहे मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और हूटर के खिलाफ परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। अब ऐसे उपकरणों के इस्तेमाल पर न सिर्फ भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि वाहन मालिकों और संबंधित कारोबारियों पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। विभाग ने साफ कर दिया है कि नियमों की अनदेखी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
संभागीय परिवहन कार्यालय में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन मानवेंद्र प्रताप सिंह ने डीलरों, मोटर गैराज संचालकों और वर्कशॉप मालिकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले उपकरणों की बिक्री और फिटिंग तुरंत बंद करें। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति या संस्था इस तरह के उपकरणों को बेचते या लगाते हुए पाई जाती है तो प्रति मामले एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
🚨 सख्त नियम और सजा का प्रावधान
परिवहन विभाग के अनुसार, जिन वाहन स्वामियों द्वारा अपने वाहनों में अवैध रूप से बदलाव किया जाता है, उनके खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें छह माह तक की सजा या पांच हजार रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है।
इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे वाहनों के संचालन पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। पहली बार पकड़े जाने पर तीन माह तक की सजा या दस हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ ही वाहन चालक का ड्राइविंग लाइसेंस तीन माह के लिए निलंबित किया जा सकता है।
ध्वनि प्रदूषण पर लगाम लगाने की पहल
अधिकारियों का कहना है कि मॉडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न से न केवल ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है, बल्कि यह आम लोगों के लिए परेशानी का कारण भी बनता है। खासकर अस्पतालों, स्कूलों और रिहायशी इलाकों में ऐसे उपकरणों का इस्तेमाल गंभीर समस्या पैदा करता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने व्यापक अभियान चलाने का निर्णय लिया है, जिसके तहत शहरभर में चेकिंग अभियान चलाया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के तहत होगी कार्रवाई
परिवहन विभाग की टीम जल्द ही शहर के विभिन्न इलाकों में विशेष चेकिंग अभियान चलाएगी। इस दौरान ऐसे वाहनों की पहचान कर मौके पर ही चालान किया जाएगा। साथ ही गैराज और वर्कशॉप संचालकों पर भी नजर रखी जाएगी, ताकि अवैध रूप से उपकरण लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जा सके।
लोगों से अपील
विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपने वाहनों में किसी भी प्रकार का अवैध बदलाव न करें और ध्वनि प्रदूषण को रोकने में सहयोग दें। साथ ही यदि कहीं इस तरह के उपकरणों का उपयोग हो रहा है तो उसकी सूचना संबंधित विभाग को दें।







