शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। विश्व लिवर दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर शहर के दयावती हॉस्पिटल में एक निःशुल्क जांच शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें फैटी लिवर से जुड़ी गंभीर समस्याओं को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। इस वर्ष वर्ल्ड लिवर डे की थीम “Solid Habits, Strong Liver” रखी गई है, जिसका उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ फिजीशियन एवं हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव मिगलानी ने बताया कि भारत में फैटी लिवर के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि “हर तीसरे फैटी लिवर के मरीज को भविष्य में डायबिटीज होने की आशंका रहती है, जो एक गंभीर चेतावनी है।”
कैंप में 150 से ज्यादा लोगों की जांच
शिविर में फ्राबोस्केन (Fibroscan) मशीन के माध्यम से 152 लोगों की निःशुल्क जांच की गई। जांच में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए—
32 मरीजों में स्टेज-1 फैटी लिवर
54 मरीजों में स्टेज-2
36 मरीजों में स्टेज-3 फैटी लिवर पाया गया
जबकि 3 मरीजों में लिवर सिरोसिस (Cirrhosis) की पुष्टि हुई
इसके अलावा LSM (Liver Stiffness Measurement) के जरिए लिवर की कठोरता की भी जांच की गई।
फैटी लिवर के खतरे और बचाव
डॉ. मिगलानी ने बताया कि फैटी लिवर के मरीजों में आगे चलकर डायबिटीज, हृदय रोग और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने इससे बचाव के लिए कुछ जरूरी उपाय बताए—
रोजाना कम से कम 30 मिनट टहलना
3 महीने में 5–10% वजन कम करना
जंक फूड जैसे पिज्जा, बर्गर, चाउमीन से परहेज
शराब का सेवन बिल्कुल न करें
हरी सब्जियां, ताजे फल, साबुत अनाज और पर्याप्त पानी का सेवन
महिलाओं में बढ़ रही समस्या
स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. नैना मिगलानी ने बताया कि महिलाओं में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है, जिससे पीसीओडी, डायबिटीज और फैटी लिवर जैसी समस्याएं आम होती जा रही हैं। उन्होंने महिलाओं को विशेष रूप से खान-पान और नियमित व्यायाम पर ध्यान देने की सलाह दी।
लोगों ने लिया बढ़-चढ़कर हिस्सा
शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और निःशुल्क जांच का लाभ उठाया। आयोजन में डॉक्टरों और स्टाफ की टीम ने मिलकर मरीजों को जागरूक किया और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते फैटी लिवर की पहचान और इलाज नहीं किया गया, तो यह आगे चलकर गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।







