शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। जनपद में लंबे समय से चल रही नई जेल निर्माण की कवायद अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। प्रशासन ने नई जिला जेल के निर्माण के लिए नागल क्षेत्र के गांव दंघेड़ा में करीब 80 एकड़ भूमि को चिन्हित कर फाइनल कर दिया है। प्रस्तावित जेल आधुनिक तकनीक से सुसज्जित होगी और इसमें लगभग 2000 कैदियों व बंदियों को रखने की क्षमता होगी।
पिछले चार-पांच वर्षों से जिला प्रशासन द्वारा नई जेल के लिए उपयुक्त भूमि की तलाश की जा रही थी। इस दौरान कई स्थानों पर जमीन का निरीक्षण किया गया, जिनमें माटकी झरौली और नागल क्षेत्र के दंघेड़ा गांव प्रमुख रूप से शामिल रहे। अंततः लंबी प्रक्रिया और विभागीय मंथन के बाद दंघेड़ा की भूमि को उपयुक्त मानते हुए चयनित किया गया है।
तीन साल चली प्रक्रिया के बाद हुआ चयन
दिसंबर 2023 में तत्कालीन जिलाधिकारी द्वारा भूमि क्रय निर्धारण समिति का गठन किया गया था, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों को शामिल किया गया। समिति ने करीब 19 बिंदुओं पर विचार-विमर्श करते हुए दोनों प्रस्तावित स्थलों का परीक्षण किया। करीब तीन वर्षों तक चली जांच और समीक्षा के बाद दंघेड़ा गांव को अंतिम रूप से चयनित कर लिया गया।
नई जेल के निर्माण के लिए लगभग 50 करोड़ रुपये की धनराशि भी स्वीकृत की जा चुकी है, जिससे जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
🚨 वर्तमान जेल में क्षमता से अधिक बंदी
इस समय सहारनपुर की जिला कारागार शहर के बीचों-बीच स्थित है, जहां कैदियों और बंदियों की संख्या क्षमता से कहीं अधिक हो चुकी है। जेल की कुल क्षमता लगभग 765 है, जबकि वर्तमान में करीब 1200 से अधिक बंदी वहां निरुद्ध हैं।
ऐसी स्थिति में बैरकों में भी क्षमता से अधिक कैदियों को रखा जा रहा है, जिससे सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ रहा है।
ऐतिहासिक इमारत होने से नहीं हो सकता विस्तार
मौजूदा जिला जेल ऐतिहासिक रोहिल्ला किले में स्थित है, जो एक संरक्षित इमारत है। नियमों के अनुसार यहां किसी भी प्रकार का नया निर्माण या विस्तार कार्य नहीं किया जा सकता। यही वजह है कि नई जेल निर्माण की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी नई जेल
प्रस्तावित नई जेल को हाईटेक और आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसमें बेहतर सुरक्षा व्यवस्था, आधुनिक निगरानी प्रणाली, पर्याप्त बैरक, स्वास्थ्य सुविधाएं और प्रशासनिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए डिजाइन तैयार किया जाएगा।
नई जेल बनने से न केवल कैदियों की बढ़ती संख्या की समस्या का समाधान होगा, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी और जेल प्रशासन को कार्य करने में सुविधा मिलेगी।







