शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर, । सहारनपुर से “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” में सहभागिता के लिए 10 सदस्यीय जनपद स्तरीय दल को लखनऊ के लिए रवाना किया गया। यह आयोजन संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार और उत्तर प्रदेश संस्कृति एवं पर्यटन निदेशालय के संयुक्त तत्वावधान में सोमनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर में 19 से 24 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा।
जिलाधिकारी मनीष बंसल और मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन ने तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए उनकी यात्रा के सफल और मंगलमय होने की कामना की। यह विशेष आयोजन सोमनाथ मंदिर पर प्रथम आक्रमण के 1000 वर्ष और इसके पुनरुद्धार के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है, जिससे इसकी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता और बढ़ जाती है।
जनपद स्तरीय दल 19 अप्रैल को लखनऊ में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भाग लेगा, जहां योगी आदित्यनाथ और जयवीर सिंह तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए सोमनाथ यात्रा के लिए विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके बाद सभी तीर्थयात्री गुजरात के सोमनाथ के लिए प्रस्थान करेंगे।
यात्रा के दौरान श्रद्धालु सोमनाथ महादेव मंदिर में रुद्राभिषेक और आरती में भाग लेंगे। साथ ही वे सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार पर आधारित लाइट एंड साउंड शो का आनंद लेंगे और सोमनाथ संग्रहालय का भ्रमण भी करेंगे। इसके अतिरिक्त, सोमनाथ बीच स्थित त्रिवेणी संगम की आरती में भी श्रद्धालु शामिल होंगे, जिससे उन्हें धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव का समग्र अवसर मिलेगा।
सहारनपुर से चयनित 10 सदस्यीय दल में रूबी, पूनम शर्मा, राकेश कुमार, अनीता, सचिन कुमार पाल, संजय वालिया, अंबरीश शास्त्री, घनश्याम प्रजापति, टीनू और सोमपाल सिंह शामिल हैं। इस दल का नेतृत्व नोडल अधिकारी के रूप में अपर जिला पंचायत राज अधिकारी अमित त्यागी कर रहे हैं, जो पूरी यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों के साथ रहकर व्यवस्थाओं का ध्यान रखेंगे।
यह संपूर्ण यात्रा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निःशुल्क आयोजित की जा रही है। तीर्थयात्रियों को एसी बस, थर्ड एसी ट्रेन टिकट, भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य किट जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे उनकी यात्रा सुगम और सुरक्षित बनी रहे। प्रस्थान के समय अमित त्यागी और कुणाल वर्मा सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे और उन्होंने यात्रियों को शुभकामनाएं दीं।
इस पहल को धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और आम लोगों को देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।







