देवबंद। देवबंद क्षेत्र में भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर विभिन्न धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी क्रम में जड़ौदा पांडा गांव स्थित श्री जूड मंदिर परिसर में भगवान परशुराम का जन्मोत्सव बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पूर्व सांसद राघव लखन पाल शर्मा ने भगवान परशुराम के जीवन और उनके आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे सच्चाई और धर्म की रक्षा के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम ने अन्याय और अधर्म के खिलाफ हमेशा संघर्ष किया और समाज को यह संदेश दिया कि गलत के खिलाफ डटकर खड़ा होना चाहिए।उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि व्यक्ति को अन्याय सहने के बजाय उसका मजबूती से जवाब देना चाहिए। यही भगवान परशुराम की शिक्षाओं का सार है। उन्होंने यह भी कहा कि भगवान परशुराम ने जाति-पाति से ऊपर उठकर सत्य और न्याय का मार्ग अपनाया, जो आज के समाज के लिए भी अत्यंत प्रासंगिक है।कार्यक्रम में त्यागी भूमिहार ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष मांगेराम त्यागी ने समाज की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि ब्राह्मण समाज को एक मंच पर आकर अपनी ताकत का अहसास कराना चाहिए। उन्होंने प्रदेश सरकार से देवबंद में भगवान परशुराम की भव्य प्रतिमा और एक प्रवेश द्वार के निर्माण की मांग भी की।इस अवसर पर शंकराचार्य यति नरसिंह आनंद सरस्वती ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में सनातन संस्कृति से जुड़े लोगों को एकजुट होकर कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने समाज में बढ़ते जातिवाद पर चिंता व्यक्त की और लोगों से आपसी समरसता बनाए रखने की अपील की।कार्यक्रम के दौरान पूर्व सांसद का ग्रामीणों द्वारा जोरदार स्वागत किया गया और उन्हें पटका पहनाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में नवीन त्यागी, आमोद त्यागी सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे।इस मौके पर इलू त्यागी, अभिषेक त्यागी, विश्वास त्यागी, मोनू त्यागी, ऋषभ त्यागी, ललित त्यागी, अनुज शर्मा, राहुल शर्मा, रोहित शर्मा, अक्षु त्यागी, दीपक त्यागी, आदित्य त्यागी, आनंद त्यागी सहित सैकड़ों की संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में सभी ने भगवान परशुराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने और समाज में एकता व सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लिया।







