Saharanpur News: दो वर्षीय बेटे के साथ कांवड़ यात्रा पर निकली भावना, भोलेनाथ में अटूट आस्था | करनाल की महिला बनी प्रेरणा

हरियाणा के करनाल की भावना अपने दो वर्षीय बेटे और चचेरी बहन के साथ पहली बार हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौट रही हैं। भोलेनाथ में अटूट आस्था और मनोकामना पूर्ण होने की उम्मीद के साथ उनकी यात्रा प्रेरणा का संदेश दे रही है।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

गागलहेड़ी (सहारनपुर)। श्रावण मास की पावन कांवड़ यात्रा में शिवभक्तों की आस्था और समर्पण की अनूठी तस्वीरें लगातार सामने आ रही हैं। हरियाणा के करनाल निवासी भावना अपने दो वर्षीय पुत्र और चचेरी बहन के साथ हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर लौट रही हैं। पहली बार कांवड़ यात्रा पर निकली भावना का अटूट विश्वास और भगवान शिव के प्रति समर्पण अन्य श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा बन गया है।

भावना ने बताया कि वह अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिए कांवड़ लेकर आई हैं। उनका मानना है कि भगवान भोलेनाथ सच्चे मन से की गई प्रार्थना और भक्ति को कभी व्यर्थ नहीं जाने देते। उन्होंने पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ यह कठिन यात्रा शुरू की और अब गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही हैं।

उन्होंने बताया कि यदि भगवान शिव उनकी मनोकामना पूरी करते हैं तो वह अगले वर्ष भी हरिद्वार आकर कांवड़ यात्रा करेंगी और शिवलिंग का जलाभिषेक करेंगी। भावना ने कहा कि छोटे बच्चे के साथ यात्रा करना चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन भोलेनाथ की कृपा और आस्था के बल पर यह यात्रा सहज महसूस हो रही है।

यात्रा मार्ग पर दो वर्षीय पुत्र के साथ कांवड़ लेकर चल रही भावना को देखकर अन्य श्रद्धालु भी उनकी सराहना कर रहे हैं। उनकी शिवभक्ति और दृढ़ संकल्प लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। सावन माह में कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक परंपरा ही नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास, त्याग और समर्पण का भी प्रतीक बनकर सामने आ रही है।

trfgcvkj.blkjhgfd

Leave a Comment

और पढ़ें

Horoscope

Weather

और पढ़ें
error: Content is protected !!

राज्य