अमित कुमार /विमल शर्मा
छुटमलपुर (सहारनपुर)। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर सफर करने वाले वाहन चालकों को एक बार फिर महंगे टोल का झटका लगा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सहारनपुर क्षेत्र के सैयद माजरा, गणेशपुर और जैनपुर टोल प्लाजा की शुल्क दरों में संशोधन करते हुए नई दरें 1 अगस्त 2026 से लागू कर दी हैं। खास बात यह है कि महज तीन माह पहले ही टोल शुल्क बढ़ाया गया था और अब दूसरी बार हुई बढ़ोतरी से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।
नई दरों के अनुसार सैयद माजरा टोल प्लाजा पर कार चालकों को अब 85 रुपये के स्थान पर 115 रुपये चुकाने होंगे। हल्के व्यावसायिक वाहनों का शुल्क 145 से बढ़ाकर 185 रुपये, बस और ट्रक का 300 से 385 रुपये, तीन एक्सल वाहनों का 330 से 420 रुपये, भारी वाहनों का 475 से 605 रुपये तथा अत्यधिक भारी वाहनों का शुल्क 575 से बढ़ाकर 735 रुपये कर दिया गया है।
वहीं गणेशपुर टोल प्लाजा पर भी कार का एकतरफा शुल्क 145 से बढ़ाकर 155 रुपये कर दिया गया है। हल्के व्यावसायिक वाहनों के लिए 250 रुपये, बस एवं ट्रक के लिए 520 रुपये, तीन एक्सल वाहनों के लिए 570 रुपये, भारी वाहनों के लिए 820 रुपये तथा अत्यधिक भारी वाहनों के लिए 995 रुपये निर्धारित किए गए हैं। 24 घंटे के भीतर वापसी करने वाले कार चालकों को भी अब पहले से अधिक टोल देना होगा।
इस बढ़ोतरी का सबसे अधिक असर सहारनपुर, छुटमलपुर, गागलहेड़ी और बिहारीगढ़ क्षेत्र के यात्रियों पर पड़ रहा है। स्थानीय वाहन चालकों का कहना है कि छुटमलपुर से सहारनपुर जाने वाले कई लोग सैयद माजरा टोल से केवल चार से पांच किलोमीटर तक ही इकोनॉमिक कॉरिडोर का उपयोग करते हैं, लेकिन उन्हें पूरे 115 रुपये का टोल चुकाना पड़ता है।
यात्रियों का कहना है कि देश के अधिकांश आधुनिक एक्सप्रेसवे पर क्लोज्ड टोलिंग सिस्टम लागू है, जिसमें वाहन जितनी दूरी तय करता है, उसी के अनुसार टोल वसूला जाता है। जबकि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर अभी भी पारंपरिक टोल व्यवस्था लागू होने से कम दूरी तय करने वालों को भी पूरा शुल्क देना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि एनएचएआई के मानकों के अनुसार दो टोल प्लाजा के बीच न्यूनतम दूरी 60 किलोमीटर होनी चाहिए, जबकि सैयद माजरा और गणेशपुर टोल प्लाजा के बीच मात्र 24 किलोमीटर का अंतर है। इससे यात्रियों को कम दूरी के बावजूद बार-बार टोल देना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि गणेशपुर टोल प्लाजा पर 26 अप्रैल 2026 से ही टोल वसूली शुरू हुई थी और महज तीन माह बाद ही शुल्क में फिर बढ़ोतरी कर दी गई। इससे स्थानीय व्यापारियों, दैनिक यात्रियों और निजी वाहन चालकों में असंतोष है।

हालांकि एनएचएआई के परियोजना निदेशक विशाल गोयल ने बताया कि टोल शुल्क में संशोधन प्राधिकरण की निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार किया गया है। वहीं स्थानीय लोगों ने सरकार और एनएचएआई से मांग की है कि जल्द से जल्द एआई आधारित क्लोज्ड टोलिंग सिस्टम लागू किया जाए, ताकि वाहन चालक केवल तय की गई दूरी के अनुसार ही टोल शुल्क अदा करें और स्थानीय यात्रियों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत मिल सके।








