मनोज मिड्ढा
सहारनपुर। श्रावण माह के आठवें दिन शुक्रवार को जनपद का कांवड़ मार्ग पूरी तरह शिवभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। केसरिया वस्त्र धारण किए शिवभक्तों के बड़े-बड़े जत्थे कांवड़ लेकर अपने गंतव्य की ओर लगातार बढ़ते रहे। कांवड़ मार्ग पर दिनभर ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष गूंजते रहे। वातावरण में भक्ति और आस्था का ऐसा रंग दिखाई दिया कि पूरा मार्ग शिवमय नजर आया।
सुबह से ही कांवड़ मार्ग पर श्रद्धालुओं की आवाजाही तेज रही। दूर-दराज के क्षेत्रों से हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़िए पैदल अपने गंतव्य की ओर बढ़ते दिखाई दिए। कई जत्थों में डीजे पर बज रहे शिव भजनों और भक्ति गीतों की धुन पर कांवड़िए उत्साह के साथ झूमते हुए आगे बढ़ रहे थे। केसरिया ध्वज और कांवड़ के साथ चल रहे श्रद्धालुओं के चेहरों पर थकान के बावजूद उत्साह और आस्था साफ दिखाई दे रही थी।
जयघोष से बढ़ रहा उत्साह
कई किलोमीटर की लंबी पैदल यात्रा के कारण श्रद्धालुओं के पैरों में दर्द और शरीर में थकान दिखाई दे रही है, लेकिन इसके बावजूद उनके कदम रुकने का नाम नहीं ले रहे। कांवड़ियों का कहना है कि भोलेनाथ का नाम लेते ही थकान का एहसास कम हो जाता है और ‘बोल बम’ के जयघोष से नई ऊर्जा मिलती है। कई श्रद्धालु समूहों में भजन-कीर्तन करते हुए अपनी यात्रा पूरी कर रहे हैं।
कांवड़ मार्ग पर जगह-जगह बनाए गए सेवा शिविर श्रद्धालुओं के लिए राहत का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और व्यापारिक संगठनों की ओर से संचालित शिविरों में कांवड़ियों के लिए भोजन, दूध, फलाहार, जलपान, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा और विश्राम की व्यवस्था की गई है। लंबी यात्रा के दौरान थकान महसूस करने वाले श्रद्धालु कुछ समय शिविरों में विश्राम करने के बाद फिर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं।
स्थानीय लोग भी सेवा में जुटे
कांवड़ यात्रा के दौरान स्थानीय लोगों में भी सेवा भावना देखने को मिल रही है। जगह-जगह लोग श्रद्धालुओं को पानी, शरबत और अन्य खाद्य सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं। सामाजिक और धार्मिक संगठनों के स्वयंसेवक दिन-रात सेवा कार्यों में जुटे हुए हैं। आस्था और सेवा का यह संगम कांवड़ यात्रा को और अधिक भव्य एवं आकर्षक बना रहा है।
कांवड़ियों की सेवा व्यापारियों का सबसे बड़ा सेवा पर्व
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष शीतल टंडन ने कहा कि श्रावण मास में शिवभक्त कांवड़ियों की सेवा करना व्यापारियों के लिए सबसे बड़ा सेवा पर्व है। उन्होंने बताया कि पूरे सहारनपुर जनपद में विभिन्न व्यापारिक और सामाजिक संगठनों के सहयोग से 100 से अधिक कांवड़ सेवा शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में लाखों श्रद्धालुओं के लिए भोजन, दूध, जलपान, चिकित्सा, पेयजल और रात्रि विश्राम सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
शीतल टंडन ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल आस्था और भक्ति का पर्व नहीं है, बल्कि यह सेवा, सामाजिक सहयोग और राष्ट्रभक्ति का भी अद्भुत संगम है। गंगाजल लेकर चल रहे अनेक शिवभक्तों के हाथों में तिरंगा भी दिखाई दे रहा है, जो धार्मिक आस्था के साथ राष्ट्रप्रेम का संदेश दे रहा है।
उन्होंने कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस और प्रशासन द्वारा की जा रही व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा से स्थानीय बाजारों में भी गतिविधियां बढ़ी हैं और बड़ी संख्या में लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।

व्यापारी प्रतिनिधियों का कहना है कि शिवभक्तों की सेवा को वे धार्मिक दायित्व के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी मानते हैं। इसी भावना के साथ व्यापारी और उनके संगठन लगातार सेवा शिविरों में अपनी भागीदारी निभा रहे हैं।
कांवड़ यात्रा के बढ़ते रंग के बीच सहारनपुर का पूरा मार्ग इन दिनों भक्ति, सेवा और सद्भाव का संदेश देता नजर आ रहा है। श्रद्धालुओं के जयघोष और सेवा शिविरों में चल रहे सेवा कार्यों से पूरा वातावरण शिवमय बना हुआ है।








