शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और कांवड़ मार्ग पर स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर निगम लगातार निगरानी कर रहा है। इसी क्रम में नगर आयुक्त शिपू गिरि ने विभिन्न कांवड़ शिविरों का सायंकालीन औचक निरीक्षण किया। उन्होंने शिविरों में पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और श्रद्धालुओं से संवाद कर उनकी कुशलक्षेम जानी।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने कांवड़ शिविरों में आयोजित पूजन-अर्चन और आरती में भी सहभागिता की। उन्होंने शिवभक्तों से बातचीत करते हुए शिविरों में मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। साथ ही शिविर आयोजकों से व्यवस्थाओं को लेकर फीडबैक प्राप्त किया।
नगर आयुक्त ने शिविर आयोजकों एवं श्रद्धालुओं से अपील की कि कांवड़ यात्रा के दौरान शांति, सौहार्द और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही के कारण सफाई व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता जरूरी है।
पेयजल से लेकर चिकित्सा व्यवस्था तक का लिया जायजा
नगर आयुक्त ने नगर निगम और शिविर आयोजकों के संयुक्त प्रयासों से की गई व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, अस्थायी शौचालय, प्राथमिक चिकित्सा, बैरिकेडिंग और विद्युत सुरक्षा सहित अन्य व्यवस्थाओं को देखा गया।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कांवड़ यात्रा की अवधि में सफाई व्यवस्था को लगातार प्रभावी रखा जाए। कांवड़ मार्ग और शिविरों के आसपास नियमित रूप से कूड़ा उठान, सफाई तथा जल छिड़काव सुनिश्चित किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण मिल सके।
कांवड़ मार्ग पर गंदगी न मिलने पाए
नगर आयुक्त ने स्वच्छता को विशेष प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ मार्ग और शिविर परिसर में किसी भी स्थान पर गंदगी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने पर्याप्त संख्या में डस्टबिन और मोबाइल शौचालय उपलब्ध कराने तथा उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान स्वच्छता बनाए रखना केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें शिविर आयोजकों और श्रद्धालुओं की सहभागिता भी आवश्यक है। सभी लोग कूड़ा निर्धारित स्थान पर ही डालें और सफाई व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
प्लास्टिक के बजाय पत्तल-दोने और कपड़े के थैले अपनाएं
नगर आयुक्त ने प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण रोक को लेकर भी शिविर आयोजकों और श्रद्धालुओं को जागरूक किया। उन्होंने अपील की कि प्लास्टिक की थैलियों और बोतलों के स्थान पर पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों का इस्तेमाल किया जाए।
उन्होंने विशेष रूप से पत्तल, दोने और कपड़े के थैलों के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया। शिविरों में प्लास्टिक की बोतलों और प्रतिबंधित प्लास्टिक सामग्री के उपयोग को हतोत्साहित करने के निर्देश दिए गए।
नगर आयुक्त ने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था और सेवा का पर्व है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सेवा के साथ पर्यावरण और स्वच्छता का ध्यान रखना भी सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
निरीक्षण के दौरान जोनल अधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी, सफाई निरीक्षक तथा विभिन्न कांवड़ शिविरों के आयोजक मौजूद रहे। नगर निगम की टीमों को कांवड़ यात्रा के दौरान लगातार सक्रिय रहकर श्रद्धालुओं की सुविधाओं और स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी करने के निर्देश दिए गए।









