शहरी चौपाल ब्यूरो
नानौता। सहकारी चीनी मिल नानौता में करीब 68 लाख रुपये की धनराशि के कथित गबन के मामले में थाना नानौता पुलिस ने वांछित आरोपी लेखाकार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पर चीनी मिल के लेजर में हेराफेरी, ओवरराइटिंग और गलत एंट्री करने के साथ ही ठेकेदारों से कथित मिलीभगत कर डबल भुगतान कराने और वित्तीय नियमों का उल्लंघन करते हुए संस्था की धनराशि के गबन का आरोप है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक 4 अगस्त 2026 को सहकारी चीनी मिल नानौता के मुख्य लेखाकार सौरभ बंसल ने थाना नानौता पहुंचकर तहरीर दी थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि चीनी मिल में कार्यरत कुछ आरोपियों द्वारा लेजर में हेराफेरी और गलत प्रविष्टियां कर ठेकेदारों को डबल भुगतान कराया गया, जिससे संस्था को आर्थिक नुकसान पहुंचा और करीब 68 लाख रुपये की धनराशि के गबन का मामला सामने आया। तहरीर के आधार पर थाना नानौता में मुकदमा संख्या 193/2026 दर्ज किया गया।
मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने मुकदमे में धारा 316(2) बीएनएस का लोप करते हुए धारा 316(5) और 3(5) बीएनएस की बढ़ोतरी की। इसके बाद पुलिस द्वारा मामले में वांछित आरोपियों की तलाश शुरू की गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर के निर्देशन में वांछित एवं वारंटी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और क्षेत्राधिकारी गंगोह के निकट पर्यवेक्षण में कार्रवाई की गई। प्रभारी निरीक्षक नानौता ज्ञानेश्वर बौद्ध के नेतृत्व में थाना पुलिस ने 8 अगस्त को मुखबिर की सूचना पर गंगोह रोड से मामले में वांछित अभियुक्त चेतन्यराम ठाकुर पुत्र श्यामजी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी मूल रूप से ग्राम पाण्डरवाही, थाना कांकेर, जनपद कांकेर, छत्तीसगढ़ का निवासी है और वर्तमान में चीनी मिल कॉलोनी, थाना नानौता, सहारनपुर में रह रहा था। आरोपी सहकारी चीनी मिल में लेखाकार के पद पर कार्यरत बताया गया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया शुरू की।
आरोपी की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में थाना नानौता के प्रभारी निरीक्षक ज्ञानेश्वर बौद्ध, वरिष्ठ उपनिरीक्षक जितेंद्र सिंह और आरक्षी सूरज प्रताप सिंह शामिल रहे। पुलिस के मुताबिक मामले की विवेचना जारी है और प्रकरण से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान साक्ष्यों के आधार पर होगी।









