गय्यूर मलिक
सहारनपुर। शिवालिक पहाड़ियों में सोमवार रात हुई भारी बारिश के बाद सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी क्षेत्र में शाकंभरी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। भूरादेव मंदिर के पास देर रात शाकंभरी खोल में बाढ़ जैसे हालात बन गए। नदी में पानी का बहाव तेज होने के कारण किनारे स्थित खिलौनों और अन्य सामान की कई दुकानों में पानी घुस गया। अचानक पानी आने से दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई और सामान को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए लोगों को मशक्कत करनी पड़ी। दुकानों में पानी भरने से सामान के नुकसान की भी जानकारी सामने आई है।
बताया गया कि इस बरसात के मौसम में पहली बार शाकंभरी नदी में इतना अधिक पानी आया है। शिवालिक क्षेत्र में लगातार हुई बारिश के चलते पहाड़ों से पानी तेजी से नीचे की ओर आया, जिससे शाकंभरी नदी और आसपास के बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ गया। भूरादेव मंदिर क्षेत्र में नदी के उफान पर आने के बाद आसपास के दुकानदारों और श्रद्धालुओं में भी चिंता बढ़ गई।
उधर, मिर्जापुर क्षेत्र में भी सोमवार रात हुई बारिश के बाद कई बरसाती नदियां तेजी से उफान पर आ गईं। शाहपुर गाड़ा, पाडली और नौगांवा समेत कई बरसाती नदियों में पानी बढ़ने से सहारनपुर-विकासनगर हाईवे पर भी बरसाती पानी पहुंच गया। हाईवे पर पानी आने से कुछ स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। आसपास के गांवों के निचले इलाकों में भी पानी पहुंचने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गईं। कई स्थानों पर घरों तक बरसाती पानी पहुंचने की सूचना है।
गांव जाटोंवाला में निर्माणाधीन स्पोर्ट्स कॉलेज की ओर जाने वाले पुल के नीचे बने पाइपों में कचरा फंसने के कारण पानी की निकासी प्रभावित होने की बात सामने आई है। निकासी बाधित होने से गांगरोह नदी का पानी आसपास के क्षेत्रों में फैल गया। इसका असर असगरपुर और महमूदपुर गांवों में भी दिखाई दिया। कई किसानों के खेत और आम व लीची के बाग पानी से जलमग्न हो गए। इससे फसलों और बागवानी को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। निर्माणाधीन स्पोर्ट्स कॉलेज परिसर में भी बरसाती पानी पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

जलभराव और बरसाती नदियों के बढ़ते जलस्तर की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीएम विकास पांडे और तहसीलदार विजय कुमार ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने जलभराव वाले क्षेत्रों में हालात की जानकारी ली और प्रभावित लोगों से भी बातचीत की। प्रशासन की ओर से बारिश और जलभराव से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
प्रशासन द्वारा बरसाती नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। शिवालिक क्षेत्र में बारिश जारी रहने की स्थिति में नदी-नालों के जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय लोगों से भी नदी और बरसाती नालों के किनारे जाने में सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। बारिश के बाद शाकंभरी क्षेत्र से लेकर मिर्जापुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों तक जलभराव ने एक बार फिर बरसाती नदियों के उफान और जल निकासी व्यवस्था को लेकर प्रशासन के सामने चुनौती खड़ी कर दी है।








