शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। नर सेवा नारायण सेवा और जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लोक कल्याण समिति द्वारा संचालित प्रभु जी की रसोई की अविरल सेवा ने दसवें वर्ष में प्रवेश किया। गांधी पार्क जनमंच के समीप शुरू हुई इस रसोई के माध्यम से प्रतिदिन बड़ी संख्या में गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क भोजन कराया जा रहा है। सेवा के दसवें वर्ष में प्रवेश के अवसर पर समिति के पदाधिकारियों और समाजसेवियों ने सेवा कार्य को आगे भी निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।
लोक कल्याण समिति के सचिव एवं वरिष्ठ समाजसेवी शीतल टण्डन ने कहा कि सभी धर्मों में गरीब, असहाय और भूखे व्यक्ति को भोजन कराने को सर्वोत्तम सेवा कार्य बताया गया है। उन्होंने कहा कि समाज में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति का यह कर्तव्य है कि वह अपनी सामर्थ्य के अनुसार किसी न किसी रूप में जरूरतमंदों की सेवा में योगदान दे।
उन्होंने बताया कि प्रभु जी की रसोई की शुरुआत 9 अगस्त 2017 को सहारनपुर के तत्कालीन मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल के नेतृत्व में गांधी पार्क जनमंच के समीप की गई थी। सेवा का यह क्रम लगातार जारी है और अब रसोई ने अपने संचालन के दसवें वर्ष में प्रवेश किया है।
प्रतिदिन 350 से 400 जरूरतमंदों को भोजन
शीतल टण्डन ने बताया कि प्रभु जी की रसोई में सहयोगकर्ता अपने जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ, बड़े-बुजुर्गों की पुण्यतिथि, जयंती, पितृ पक्ष, नवरात्र, अमावस्या सहित विभिन्न अवसरों पर पहुंचकर सेवा करते हैं। कोई भोजन की व्यवस्था में सहयोग करता है तो कोई अन्य आवश्यक सामग्री अथवा आर्थिक सहयोग देकर इस सेवा कार्य को आगे बढ़ाने में योगदान देता है।
उन्होंने बताया कि सहयोगकर्ताओं के निरंतर सहयोग से प्रभु जी की रसोई में प्रतिदिन लगभग 350 से 400 जरूरतमंद लोगों को दोपहर का निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। रसोई में भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाता है, ताकि जरूरतमंद लोगों को सम्मान के साथ अच्छा भोजन मिल सके।
कोरोना काल में भी नहीं रुकी सेवा
प्रभु जी की रसोई की सेवा का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय कोरोना संक्रमण के दौर में भी देखने को मिला। कोविड-19 के दौरान जब बड़ी संख्या में लोग भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए परेशान थे, तब रसोई से दिन-रात सेवा कार्य किया गया। जरूरतमंदों के लिए भोजन के पैकेट तैयार कर उन्हें वितरित किए गए।
समिति के पदाधिकारियों के अनुसार उस कठिन दौर में हजारों जरूरतमंद लोगों तक भोजन पहुंचाया गया। प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद सेवा कार्य को रोकने के बजाय समिति के सदस्यों और सहयोगकर्ताओं ने मिलकर जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाने का प्रयास किया।
सेवा, सद्भाव और स्वच्छता के लिए प्रतिबद्ध समिति
शीतल टण्डन ने कहा कि उनके साथ समिति के सभी सदस्य प्रतिदिन श्रद्धापूर्वक सेवा कार्य में जुटे रहते हैं। संस्था सेवा, सद्भाव, सम्मान, स्वच्छता, शुद्धता, गुणवत्ता और पारदर्शिता के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि प्रभु जी की रसोई में भोजन प्राप्त करने वाले लोगों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाता। सेवा का मूल उद्देश्य जरूरतमंद व्यक्ति तक भोजन पहुंचाना और उसे सम्मान का अनुभव कराना है। उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से भी अपील की कि वे अपने विशेष अवसरों को जरूरतमंदों की सेवा से जोड़ें।
सामाजिक संस्थाओं का भी मिलता है सहयोग
उन्होंने बताया कि संस्था के मुख्य संरक्षक कमिश्नर डॉ. रूपेश कुमार, जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान, नगरायुक्त शिपू गिरि, महापौर डॉ. अजय कुमार सिंह तथा मुख्य कोषाधिकारी सूरज कुमार सहित समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य समय-समय पर प्रभु जी की रसोई की सेवा गतिविधियों में सहयोग करते हैं।
इसके अलावा सहारनपुर की विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, व्यापारिक एवं सेवा संस्थाओं के प्रतिनिधि भी अलग-अलग अवसरों पर रसोई में पहुंचकर सेवा कार्य करते हैं। इससे जरूरतमंदों के लिए भोजन उपलब्ध कराने की इस मुहिम को लगातार मजबूती मिल रही है।
दसवें वर्ष में सेवा विस्तार का संकल्प
दसवें वर्ष में प्रवेश के अवसर पर समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रभु जी की रसोई की सेवा को भविष्य में भी निरंतर जारी रखा जाएगा। उद्देश्य है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति भूखा न रहे और समाज के अधिक से अधिक लोग इस सेवा अभियान से जुड़ें।
शीतल टण्डन ने कहा कि जरूरतमंद को भोजन कराना केवल दान नहीं, बल्कि मानवता की सेवा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने परिवार के शुभ अवसरों को प्रभु जी की रसोई से जोड़कर जरूरतमंदों के लिए भोजन की व्यवस्था करें। इससे एक ओर जहां जरूरतमंदों को भोजन मिलेगा, वहीं दूसरी ओर समाज में सेवा और सद्भाव की भावना भी मजबूत होगी।
इस अवसर पर कर्नल संजय मिड्ढा, सरदार हरप्रीत सिंह गोगिया, भोपाल सिंह सैनी, कृष्ण लाल मिड्ढा, रमेश अरोड़ा, पं. जयनाथ शर्मा, डॉ. जी.बी. लाल, संजीव सचदेवा, कुलदीप धमीजा, ललित पोपली, पवन गोयल, गुलशन नागपाल, डॉ. चंद्रशील चोपड़ा, रविन्द्र मिगलानी, प्रमोद मिगलानी, प्रदीप आहूजा, सतीश ठकराल, डॉ. पी.डी. गर्ग, रम्मी धवन, के.एल. दावड़ा, राजीव कालिया, रवि टण्डन, भूपेन्द्र मोंगा सहित समिति के पदाधिकारी, सदस्य एवं सहयोगकर्ता मौजूद रहे।
प्रभु जी की रसोई की लगातार जारी सेवा इस बात का उदाहरण है कि सामूहिक प्रयास और सेवा भावना के माध्यम से जरूरतमंद लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। दसवें वर्ष में प्रवेश के साथ समिति ने सेवा के इस संकल्प को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।








