शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। हरिद्वार से गंगाजल लेकर निकले अधिकांश कांवड़िए अपने-अपने गंतव्य और शिवालयों तक पहुंच चुके हैं। इसके साथ ही करीब 13 दिन से लागू कांवड़ यात्रा का रूट डायवर्जन मंगलवार रात 12 बजे समाप्त हो जाएगा। रूट डायवर्जन खत्म होते ही बुधवार सुबह से शहर में वाहनों का आवागमन सामान्य होने की उम्मीद है। इससे जहां आम लोगों को राहत मिलेगी, वहीं लंबे समय से प्रभावित चल रहे बाजारों में भी एक बार फिर चहल-पहल लौटने और कारोबार के गति पकड़ने की संभावना है।
कांवड़ यात्रा को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने 29 जुलाई की रात 12 बजे से रूट डायवर्जन लागू किया था। कांवड़ यात्रा के मद्देनजर यातायात व्यवस्था को दो चरणों में संचालित किया गया। दूसरे चरण का डायवर्जन मंगलवार रात 12 बजे समाप्त होने के साथ ही शहर और प्रमुख मार्गों पर वाहनों के आवागमन को सामान्य व्यवस्था के अनुसार संचालित किया जाएगा। कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा की दृष्टि से की गई बैरिकेडिंग और यातायात प्रतिबंधों को भी चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा।
रूट डायवर्जन लागू रहने के दौरान शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रही। भारी वाहनों के प्रवेश पर भी रोक रही, जबकि वाहन चालकों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। इस दौरान दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे वाहनों के लिए खुला रहा। कांवड़ यात्रा के चलते शहर में यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए थे।
शिवरात्रि के अवसर पर कांवड़िए गंगाजल लेकर अपने-अपने शिवालयों में पहुंच गए हैं। इसके बाद अब यातायात व्यवस्था को सामान्य करने की तैयारी है। रूट डायवर्जन समाप्त होने के बाद शहरवासियों को आवागमन में राहत मिलने के साथ ही कारोबारियों को भी बड़ी उम्मीदें हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित रही थी। अब आगामी त्योहारों को देखते हुए व्यापारियों को बाजारों में खरीदारी बढ़ने की उम्मीद है।
इसी महीने हरियाली तीज और रक्षाबंधन जैसे प्रमुख त्योहार आने वाले हैं। इन त्योहारों के चलते कपड़ा, आभूषण, मिठाई, राखी, गिफ्ट आइटम, कॉस्मेटिक, इलेक्ट्रॉनिक्स सहित विभिन्न कारोबारों में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। व्यापारियों का अनुमान है कि आगामी त्योहारों के दौरान सहारनपुर में 300 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हो सकता है। कांवड़ यात्रा के कारण प्रभावित रहे कारोबार को त्योहारों की खरीदारी से गति मिलने की उम्मीद है।
निर्धारित मार्गों पर लौटेंगी रोडवेज बसें
कांवड़ यात्रा के दौरान रूट डायवर्जन के चलते रोडवेज बसों के संचालन में भी बदलाव किया गया था। देहरादून, हरिद्वार, मेरठ, मुजफ्फरनगर और ऋषिकेश समेत विभिन्न स्थानों के लिए रोडवेज बसों का संचालन दिल्ली रोड स्थित कांशीराम कॉलोनी से किया जा रहा था। डायवर्जन समाप्त होने के बाद रोडवेज बसें फिर से अपने निर्धारित मार्गों से संचालित होंगी।
रोडवेज अधिकारियों के अनुसार मंगलवार रात 12 बजे के बाद रूट डायवर्जन समाप्त होने पर बस संचालन को पूर्व निर्धारित व्यवस्था के अनुसार किया जाएगा। देहरादून, हरिद्वार और मेरठ जाने वाली बसें रेलवे रोड से संचालित होंगी। इसके साथ ही यात्रियों को भी पहले की तरह निर्धारित मार्गों से बसों की सुविधा मिल सकेगी।
रूट डायवर्जन के कारण रोडवेज बसों में यात्रियों की संख्या भी प्रभावित हुई थी। बसों के मार्ग बदलने और शहर के विभिन्न हिस्सों से संचालन होने के कारण यात्रियों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही थी। अब डायवर्जन खत्म होने के बाद बसों का संचालन सामान्य होने से यात्रियों को भी राहत मिलेगी।
बाजारों में लौटेगी रौनक
करीब 13 दिन तक चले रूट डायवर्जन के कारण शहर के व्यापार पर भी असर पड़ा। कई प्रमुख बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही कम रही और वाहनों के प्रतिबंध के कारण कारोबारियों को परेशानी उठानी पड़ी। अब डायवर्जन समाप्त होने के बाद बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है।
व्यापारियों का कहना है कि कांवड़ यात्रा के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद अब आगामी त्योहार कारोबार के लिए महत्वपूर्ण हैं। हरियाली तीज और रक्षाबंधन के चलते बाजारों में खरीदारी बढ़ेगी। इसके साथ ही रूट डायवर्जन खत्म होने से शहर में आवागमन आसान होगा और बाहर से आने वाले ग्राहक भी बाजारों तक आसानी से पहुंच सकेंगे।
प्रशासन की ओर से कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किए गए इंतजामों के बाद अब सामान्य यातायात व्यवस्था बहाल करने की तैयारी है। बुधवार सुबह से सहारनपुर में जनजीवन पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद है। लंबे समय से डायवर्जन के कारण प्रभावित यातायात व्यवस्था के सामान्य होने से आम लोगों, रोडवेज यात्रियों और व्यापारियों सभी को राहत मिलेगी।









