Saharanpur News: कैंसर के बढ़ते मामलों का मुद्दा विधानसभा याचिका समिति में उठा, सहारनपुर आएगी तीन सदस्यीय टीम

सहारनपुर में काली, ढमोला और हिंडन नदी क्षेत्र में कैंसर के बढ़ते मामलों की शिकायत का मुद्दा विधानसभा याचिका समिति में उठा। आशु मलिक की मांग पर सतीश महाना ने तीन सदस्यीय टीम को सहारनपुर भेजने के निर्देश दिए।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर। सहारनपुर और आसपास के क्षेत्रों में कैंसर के बढ़ते मामलों से जुड़ी शिकायतों का मुद्दा मंगलवार को लखनऊ स्थित विधान भवन में उत्तर प्रदेश विधानसभा की याचिका समिति की बैठक में प्रमुखता से उठाया गया। समिति के सदस्य एवं सहारनपुर देहात विधायक आशु मलिक ने काली नदी, ढमोला नदी और हिंडन नदी के आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों की विस्तृत जांच कराने की मांग रखी। मामले की गंभीरता को देखते हुए समिति के सभापति सतीश महाना ने याचिका समिति के तीन सदस्यों को सहारनपुर भेजकर स्थलीय जांच कराने के निर्देश दिए हैं।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से संबंधित लंबित याचिकाओं पर चर्चा के दौरान विधायक आशु मलिक ने सहारनपुर के नदी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने समिति को बताया कि वर्ष 2022 से काली नदी, ढमोला नदी और हिंडन नदी के आसपास के इलाकों में कैंसर के मामले बढ़ने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि इस विषय को पहले भी विधानसभा और याचिका समिति की बैठक में उठाया जा चुका है।

विधायक के अनुसार, पूर्व में संबंधित विभागों को नदी क्षेत्रों की स्थिति की जांच कराने के निर्देश दिए गए थे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा क्षेत्र का निरीक्षण करने, पानी के नमूने एकत्र करने तथा मेडिकल कॉलेज के माध्यम से स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित कराने की बात कही गई थी। हालांकि, उनके अनुसार इन निर्देशों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी।

नदी क्षेत्रों की जांच की मांग

आशु मलिक ने समिति के समक्ष कहा कि यह विषय केवल सहारनपुर विधानसभा क्षेत्र तक सीमित नहीं है। आसपास के विधानसभा क्षेत्रों और अन्य जनपदों से भी लोगों की ओर से स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में नदी क्षेत्रों में पानी की गुणवत्ता, प्रदूषण की स्थिति और स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य की वैज्ञानिक तरीके से जांच कराना जरूरी है।

उन्होंने मांग की कि संबंधित विभागों की संयुक्त टीम बनाकर प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराया जाए। इसके साथ ही नदी और आसपास के क्षेत्रों से पानी के नमूने लिए जाएं तथा विशेषज्ञों की निगरानी में उनकी जांच कराई जाए। स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य की स्थिति का आकलन करने के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जाने की भी आवश्यकता बताई गई।

निर्देशों के अनुपालन पर नाराज हुए सभापति

मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिका समिति के सभापति सतीश महाना ने पूर्व में दिए गए निर्देशों का अपेक्षित अनुपालन नहीं होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वास्तविक स्थिति सामने लाने के लिए समिति के तीन सदस्य स्वयं सहारनपुर पहुंचकर संबंधित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करेंगे।

समिति के सदस्य क्षेत्र में पहुंचकर नदी और आसपास के इलाकों की स्थिति का जायजा लेने के साथ पानी के नमूनों, स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों तथा संबंधित विभागों की ओर से अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी भी प्राप्त करेंगे। इसके आधार पर समिति के समक्ष विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।

15 दिन में मांगी रिपोर्ट

सभापति सतीश महाना ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जांच की प्रक्रिया पूरी कर 15 दिन के भीतर रिपोर्ट याचिका समिति के समक्ष प्रस्तुत की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है अथवा समिति को गलत जानकारी देकर गुमराह करने का प्रयास किया गया है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में सहारनपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भी तलब किया गया। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों से सहारनपुर और आसपास के क्षेत्रों की स्वास्थ्य स्थिति तथा पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन के संबंध में जानकारी ली गई। बैठक में प्रमुख सचिव रितु माहेश्वरी, मुख्य अपर सचिव अमित घोष सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

वैज्ञानिक जांच से सामने आएगी वास्तविक स्थिति

विधायक आशु मलिक के प्रवक्ता फैसल सलमानी ने बताया कि बैठक में सहारनपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों की स्वास्थ्य संबंधी समस्या को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने कहा कि समिति के तीन सदस्यों के सहारनपुर दौरे के बाद संबंधित क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि नदी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की ओर से लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें उठाई जा रही हैं। ऐसे में पानी की गुणवत्ता, प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी स्थिति की वैज्ञानिक जांच बेहद जरूरी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

फिलहाल समिति के निर्देश के बाद सहारनपुर में संबंधित क्षेत्रों की जांच और रिपोर्ट का इंतजार रहेगा। कैंसर के मामलों और नदी क्षेत्रों के बीच किसी प्रत्यक्ष कारणात्मक संबंध की पुष्टि जांच एवं वैज्ञानिक रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। समिति के दौरे से इस पूरे मामले में तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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