शहरी चौपाल ब्यूरो
नागल। क्षेत्र के गांव कोटा में मंगलवार सुबह एक मकान की कच्ची छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में मकान के अंदर आराम कर रहे करीब 70 वर्षीय सुरेश मलबे में दबकर घायल हो गए। आसपास के लोगों ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाया और उन्हें बाहर निकालकर निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
बताया गया कि मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे सुरेश अपने कच्चे मकान में आराम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक छत गिर गई और वह मलबे में दब गए। हादसे की जानकारी मिलते ही मोहल्लेवासी मौके पर एकत्र हो गए और कड़ी मशक्कत के बाद बुजुर्ग को मलबे से बाहर निकाला।
परिजनों के अनुसार हादसे के समय सुरेश का बेटा कुलदीप गांव में किसी काम से गया हुआ था, जबकि उसकी पत्नी और दोनों बच्चे मकान से बाहर बैठे थे। इससे बड़ा हादसा होने से टल गया। घायल सुरेश का कहना है कि सरकारी आवास के लिए प्रधान सहित संबंधित अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन अभी तक मकान नहीं बन पाया।
ग्राम प्रधान संदीप कुमार ने बताया कि मकान की केवल छत कच्ची होने के कारण वह पक्के मकान की पात्रता श्रेणी में नहीं आ रहा था। हालांकि, पीड़ित की स्थिति को देखते हुए प्रशासन से मदद कराने का प्रयास किया जाएगा।
कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को बरसात के मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। छत में दरार, पानी का रिसाव, दीवारों में झुकाव या मिट्टी खिसकने के संकेत दिखाई दें तो उसके नीचे सोने या रहने से बचें। लगातार बारिश के दौरान कमजोर कमरों को खाली रखना और बच्चों व बुजुर्गों को सुरक्षित स्थान पर रखना बेहतर है। छत पर पानी जमा न होने दें तथा जरूरत पड़ने पर स्थानीय प्रशासन या ग्राम पंचायत को तत्काल सूचना दें।








