मनोज मिड्ढा
सहारनपुर। जिलाधिकारी अरविन्द कुमार चौहान ने गुरुवार को विकासखंड बलियाखेड़ी के उच्च प्राथमिक विद्यालय चुनहेटी गाड़ा का निरीक्षण कर विद्यालय की शैक्षिक एवं मूलभूत व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वहीं मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन ने मॉडल प्राइमरी स्कूल उनाली का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने विद्यालयों में छात्र उपस्थिति, शिक्षा की गुणवत्ता, स्वच्छता, मूलभूत सुविधाओं और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर देते हुए शिक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कु. कोमल भी मौजूद रहीं। उच्च प्राथमिक विद्यालय चुनहेटी गाड़ा में कुल 399 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, जिनमें से निरीक्षण के समय 321 विद्यार्थी उपस्थित मिले। जिलाधिकारी ने प्रधानाध्यापिका शर्मिष्ठा पिपला को शत-प्रतिशत छात्र उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी नियमित रूप से विद्यालय नहीं आ रहे हैं, उनके अभिभावकों से व्यक्तिगत संपर्क कर बच्चों को नियमित विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया जाए।
नामांकन बढ़ने पर जताई खुशी
जिलाधिकारी ने विद्यालय के नामांकन की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि पिछले वर्ष विद्यालय में 389 छात्र-छात्राएं नामांकित थे, जो बढ़कर वर्तमान में 399 हो गए हैं। इस पर उन्होंने विद्यालय स्टाफ के प्रयासों की सराहना करते हुए नामांकन में और वृद्धि करने तथा अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालय से जोड़ने के निर्देश दिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को निर्धारित यूनिफॉर्म में नियमित विद्यालय आने के लिए भी प्रेरित किया। जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालय में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
बच्चों से संवाद कर परखी शैक्षिक गुणवत्ता
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया और उनकी शैक्षिक प्रगति की जानकारी ली। कक्षा सात और आठ के विद्यार्थियों से उन्होंने पाठ्यक्रम से संबंधित प्रश्न पूछे तथा उनके भविष्य के लक्ष्यों के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों द्वारा अपने-अपने लक्ष्य बताए जाने पर जिलाधिकारी ने उन्हें निरंतर अध्ययन और मेहनत के लिए प्रेरित किया।
कक्षा एक के विद्यार्थियों से जिलाधिकारी ने गिनती, पहाड़े और अंग्रेजी वर्णमाला सुनाने को कहा। छात्र अभि और छात्रा नयना ने उत्साहपूर्वक पहाड़े, गिनती एवं अंग्रेजी वर्णमाला सुनाई। बच्चों के प्रदर्शन पर जिलाधिकारी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
कक्षा सात के छात्र शिवा से भी उन्होंने दैनिक जीवन और पढ़ाई के संबंध में संवाद किया। छात्र द्वारा पूछे गए सवालों के उत्तर देने का प्रयास करने पर जिलाधिकारी ने उसका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने अन्य विद्यार्थियों को भी बिना संकोच सवालों के जवाब देने और कक्षा में सक्रिय सहभागिता करने के लिए प्रेरित किया।
टीएलएम के प्रभावी उपयोग के निर्देश
जिलाधिकारी ने शिक्षकों को सभी कक्षाओं में शिक्षण अधिगम सामग्री (टीएलएम) का प्रभावी उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कक्षा का संचालन निर्धारित समय-सारणी के अनुसार हो और पढ़ाई को रुचिकर एवं प्रभावी बनाने के लिए विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने आरबीएसके कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों के स्वास्थ्य परीक्षण से संबंधित अभिलेखों का भी अवलोकन किया। इसके अलावा मध्यान्ह भोजन योजना और कायाकल्प के अंतर्गत कराए गए कार्यों की समीक्षा की।
जिलाधिकारी ने सभी कक्षा-कक्षों में प्रतिदिन नियमित साफ-सफाई कराने तथा पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के लिए आवश्यक लाइट की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालय परिसर और कक्षाओं को स्वच्छ, व्यवस्थित एवं विद्यार्थियों के अनुकूल बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
सप्ताह में एक दिन बैगलेस डे मनाने के निर्देश
जिलाधिकारी ने सप्ताह में एक दिन बैगलेस डे के रूप में आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस दिन विद्यार्थियों के लिए खेलकूद, रचनात्मक कार्य और अन्य अतिरिक्त गतिविधियां आयोजित कराई जाएं, जिससे बच्चों के शैक्षिक विकास के साथ उनकी रचनात्मक एवं शारीरिक क्षमताओं का भी विकास हो सके।
उन्होंने अभिभावकों की विद्यालय में नियमित सहभागिता सुनिश्चित करने को भी कहा। सप्ताह में कम से कम एक बार अभिभावकों को विद्यालय बुलाकर विद्यार्थियों की शैक्षिक प्रगति और सुधार की जानकारी साझा करने तथा परीक्षा परिणाम से अवगत कराने के निर्देश दिए। साथ ही अभिभावकों को बच्चों की नियमित उपस्थिति के लिए प्रेरित करने को कहा।
सीडीओ ने उनाली स्कूल की व्यवस्थाएं परखीं
मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन ने विकासखंड बलियाखेड़ी के मॉडल प्राइमरी स्कूल उनाली का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय में संचालित शैक्षिक गतिविधियों, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, कक्षा-कक्षों, स्वच्छता, मूलभूत सुविधाओं और शिक्षण व्यवस्था का जायजा लिया।
सीडीओ ने विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई और शैक्षिक गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने विभिन्न विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे और बच्चों को नियमित अध्ययन करने तथा अपनी रुचि के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने शिक्षकों को निर्धारित समय-सारणी के अनुसार कक्षाओं का संचालन करने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं रुचिकर शिक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही कक्षा-कक्षों में शिक्षण अधिगम सामग्री के बेहतर उपयोग और विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया।
सीडीओ ने विद्यालय परिसर और कक्षा-कक्षों में स्वच्छता तथा पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर शैक्षिक वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ विद्यार्थियों की उपस्थिति और सीखने के स्तर में निरंतर सुधार किया जाना जरूरी है। शिक्षक प्रत्येक विद्यार्थी की व्यक्तिगत प्रगति पर विशेष ध्यान दें और अभिभावकों से लगातार संवाद स्थापित कर उन्हें बच्चों की शैक्षिक प्रगति से अवगत कराएं।








