Saharanpur News: राष्ट्रीय रेडियो दिवस पर बोले शीतल टंडन, रेडियो आज भी सशक्त जनसंचार माध्यम

राष्ट्रीय रेडियो दिवस पर जिला व्यापार मंडल की बैठक में जिलाध्यक्ष शीतल टंडन ने कहा कि रेडियो आज भी शिक्षा, मनोरंजन, समाचार और राष्ट्रीय एकता का सशक्त एवं विश्वसनीय माध्यम है।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर। राष्ट्रीय रेडियो दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की जिला इकाई सहारनपुर की बैठक रेलवे रोड स्थित जिला मुख्यालय कार्यालय पर आयोजित की गई। बैठक में रेडियो के गौरवशाली इतिहास, सामाजिक भूमिका और डिजिटल युग में बदलते स्वरूप पर चर्चा की गई। जिलाध्यक्ष शीतल टंडन ने कहा कि रेडियो आज भी शिक्षा, मनोरंजन, समाचार और राष्ट्रीय एकता का सशक्त माध्यम है।

शीतल टंडन ने कहा कि रेडियो भारत की ऐतिहासिक सामाजिक, सांस्कृतिक और लोकतांत्रिक विकास यात्रा का विश्वसनीय साथी रहा है। भारत में रेडियो प्रसारण की शुरुआत वर्ष 1927 में हुई और 1936 में इसका नाम ‘ऑल इंडिया रेडियो’ रखा गया, जिसे आज आकाशवाणी के नाम से जाना जाता है। उन्होंने कहा कि आजादी के आंदोलन से लेकर वर्तमान समय तक रेडियो ने जनजागरूकता बढ़ाने, शिक्षा के प्रसार, किसानों तक कृषि संबंधी जानकारी पहुंचाने, आपदा के समय जनहित के संदेश देने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

बिनाका गीतमाला ने बनाई अलग पहचान

जिलाध्यक्ष ने रेडियो के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘बिनाका गीतमाला’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम 3 दिसंबर 1952 को शुरू हुआ था और रेडियो सिलोन पर 1988 तक नियमित रूप से प्रसारित हुआ। इसके बाद 1989 से 1994 तक यह आकाशवाणी की विविध भारती सेवा पर प्रसारित हुआ। लगभग 42 वर्षों तक इस कार्यक्रम ने लाखों श्रोताओं के दिलों पर राज किया।

उन्होंने कहा कि अमीन सयानी की आवाज और उनका प्रसिद्ध संबोधन ‘बहनों और भाइयों, मैं आपका दोस्त अमीन सयानी बोल रहा हूं…’ रेडियो की दुनिया की पहचान बन गया था। बिनाका गीतमाला केवल संगीत कार्यक्रम नहीं था, बल्कि भारतीय लोकप्रिय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका था।

डिजिटल दौर में भी कायम है रेडियो की प्रासंगिकता

शीतल टंडन ने कहा कि डिजिटल युग में भी रेडियो अपनी विश्वसनीयता, सरलता और मानवीय जुड़ाव के कारण करोड़ों लोगों के जीवन का हिस्सा बना हुआ है। एफएम, सामुदायिक रेडियो और इंटरनेट रेडियो के रूप में रेडियो ने समय के साथ स्वयं को बदला है। युवाओं से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक के लिए यह आज भी ज्ञान, संगीत, संस्कृति और सूचना का भरोसेमंद माध्यम है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ जैसे कार्यक्रमों ने भी रेडियो की प्रासंगिकता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। रेडियो की सबसे बड़ी ताकत इसकी व्यापक पहुंच है। कम लागत में दूर-दराज के क्षेत्रों तक सूचना पहुंचाने की क्षमता इसे आज भी महत्वपूर्ण जनसंचार माध्यम बनाती है।

शीतल टंडन ने कहा कि व्यापार मंडल सभी नागरिकों से अपील करता है कि वे रेडियो जैसे विश्वसनीय जनसंचार माध्यम का सम्मान करें, ज्ञानवर्धक कार्यक्रम सुनें और नई पीढ़ी को रेडियो के समृद्ध इतिहास एवं महत्व से परिचित कराएं। उन्होंने कहा कि रेडियो ने अतीत में राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाई है और भविष्य में भी जनजागरण एवं सामाजिक विकास का सशक्त माध्यम बना रहेगा।

उन्होंने कहा कि वह स्वयं आज भी प्रतिदिन रेडियो पर समाचार और संगीत सुनते हैं और इसका आनंद लेते हैं। उन्होंने बताया कि आकाशवाणी के प्रसारण केंद्र देश के विभिन्न हिस्सों तक सूचना, शिक्षा, संस्कृति और मनोरंजन का संदेश पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

बैठक में जिला महामंत्री रमेश अरोड़ा, जिला कोषाध्यक्ष कर्नल संजय मिड्ढा, मुरली खन्ना, राजीव अग्रवाल, संजीव सचदेवा, भोपाल सिंह सैनी, अभिषेक अरोड़ा सहित अन्य पदाधिकारी एवं व्यापारी मौजूद रहे।

trfgcvkj.blkjhgfd

Leave a Comment

और पढ़ें

Horoscope

Weather

और पढ़ें
error: Content is protected !!

राज्य