शहरी चौपाल ब्यूरो
नानौता। 8 रबीउल अव्वल को हजरत इमाम हसन अस्करी की शहादत के मौके पर नगर के इमामबाड़ा कसरे फातमी में अय्याम-ए-अजा की अंतिम मजलिस का आयोजन किया गया। इसके साथ ही मोहर्रम का चांद दिखाई देने के बाद से शिया समाज द्वारा हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और कर्बला के 72 शहीदों की याद में मनाए जा रहे दो माह आठ दिन के सौग का समापन हुआ।
शुक्रवार दोपहर आयोजित मजलिस को मौलाना तनवीर आलम ने संबोधित किया। उन्होंने हजरत इमाम हसन अस्करी की शिक्षाओं और जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनकी शहादत का बयान किया। मजलिस के बाद कसरे फातमी चौक से अलविदाई जुलूस निकाला गया। वहीं कुआं चौक से सियाह ताजिया और शबीहे जुलजनाह भी जुलूस में शामिल की गई।
जुलूस में नगर की विभिन्न अंजुमनों—अंजुमन सरकारे अबुतालिब, अंजुमन हैदरी, अंजुमन जुल्फकारे हैदरी और अंजुमन हुसैनिया के नौहाख्वानों ने नौहाख्वानी की। जुलूस इमामबाड़ा महल, दादा मीराजी रोड से होते हुए कर्बला हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की दरगाह पर पहुंचकर संपन्न हुआ।
इस दौरान नगर एवं क्षेत्र से बड़ी संख्या में शिया सौगवार मौजूद रहे।








