शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। स्कूलों द्वारा बच्चों के परिवहन के नाम पर वसूले जाने वाले मनमाने वाहन शुल्क पर अब शासन की सख्ती देखने को मिलेगी। शासन के निर्देशों के अनुपालन में स्कूल वाहनों के अनुरक्षण शुल्क/किराये की दरें स्पष्ट कर दी गई हैं, जिससे अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में शासनादेश संख्या-8/2021/1946/टाइस-4-2021, दिनांक 28 दिसंबर 2021 के प्रावधानों के आधार पर शुल्क निर्धारण पर चर्चा की गई। तय दरों के अनुसार 0 से 5 किलोमीटर की दूरी तक स्कूल वाहन के लिए 814 रुपये अनुरक्षण शुल्क निर्धारित किया गया है। वहीं 5 से 10 किलोमीटर की दूरी तक 1648 रुपये शुल्क लिया जा सकेगा।
10 किलोमीटर से अधिक दूरी वाले रूट पर 1648 रुपये के अतिरिक्त 25 प्रतिशत अनुरक्षण शुल्क वसूलने का प्रावधान किया गया है। समिति के सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि अगली बैठक अथवा शासन के किसी नए आदेश तक इन्हीं निर्धारित दरों को लागू रखा जाएगा।
माना जा रहा है कि शासन द्वारा दरें स्पष्ट किए जाने से निजी स्कूल संचालकों की मनमानी पर अंकुश लगेगा और अभिभावकों से निर्धारित सीमा से अधिक शुल्क वसूलना आसान नहीं होगा। अब शिक्षा एवं परिवहन विभाग की जिम्मेदारी होगी कि इन आदेशों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित कराया जाए।








